कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उनके और पार्टी सांसद राहुल गांधी के बैठने की व्यवस्था को लेकर उनका अपमान किया गया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें तीसरी लाइन में बैठाया गया और अपनी सीटें खोजने और पास का इंतजाम करने के लिए उन्हें अपने सचिवों को भेजना पड़ा.
खरगे की यह टिप्पणी केंद्र के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुसार थी और खरगे की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं.
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उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, 'मैं सीनियर मोस्ट लीडर हूं. मेरे और राहुल गांधी जी के पास कैबिनेट रैंक है, लेकिन हमें गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी लाइन में बैठा दिया गया, जहां स्टेट मिनिस्टर और बच्चे बैठे थे. इतना ही नहीं, हमने अपने सेक्रेटरीज को भेजकर जगह तलाश की, उनके जरिए पास का इंतजाम किया.'
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साथ ही उन्होंने कहा, 'सरकार ने संविधान, कांग्रेस, विपक्ष और मेरा अपमान किया है. ऐसा क्यों किया गया, मुझे इस बात का जवाब चाहिए.'
बता दें, खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं, जबकि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं.
यह विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने केंद्र पर नेता विपक्ष का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के दौरान तीसरी लाइन में बैठाया गया था. इस पर इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बैठने की व्यवस्था 'टेबल ऑफ प्रेसिडेंस' के अनुसार की गई थी और प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ.