J&K: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान की नापाक साजिश को भारतीय सेना ने एक बार फिर नाकाम कर दिया। मामला राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर का है। 10 जुलाई की आधी रात आतंकियों का एक समूह घुसपैठ की फिराक में था, लेकिन जवानों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जवानों ने आतंकियों को ललकारा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान एक घुसपैठिया मारा गया, जबकि दो अन्य घायल हो गए। ताबड़तोड़ कार्रवाई देख घुसपैठियों को उल्टे पांव भागना पड़ा।
मारे गए आतंकी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। तलाशी के बाद मौके से हथियारों का जखीरा मिला है। सेना एलओसी पर अलर्ट है।
आधी रात हुई सुरक्षाबलों से मुठभेड़
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार की रात जवान नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर मुस्तैद थे। आधी रात बॉर्डर पर कुछ हरकत महसूस हुई। जवानों ने घेराबंदी करते हुए पड़ताल की तो पता चला कि घुसपैठियों का एक समूह एलओसी पर 300 मीटर भीतर घुस आया है। जवानों ने उन्हें चुनौती दी। इसके बाद आतंकियों ने गोलाबारी शुरू कर दी। जवानों ने आतंकवादियों पर सटीक गोलीबारी की। इस दौरान एक आतंकवादी गोली लगने से ढेर हो गया। जबकि दो अन्य घायल हो गए, उन्हें जंगल में छिपते देखा गया।
खराब मौसम के कारण दृश्यता कम थी। आतंकी जंगल में छिप गए। जवानों ने क्षेत्र की घेराबंदी करते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी अभियान में एक आतंकवादी का शव बरामद हुआ। जंगल में आगे के तलाशी अभियान के दौरान नियंत्रण रेखा की ओर जाते खून के निशान, जमीन पर घसीटे जाने के निशान देखे गए। संभावना है कि अन्य घायल आतंकवादी जंगलों का फायदा उठाकर नियंत्रण रेखा के पार वापस जाने में कामयाब रहे।
ये हथियार हुए बरामद
बरामद किए गए सामानों में एक एके 47 राइफल, 175 राउंड वाली तीन एके मैगजीन, एक 9 मिमी पिस्तौल, 15 राउंड वाली दो मैगजीन, चार हैंड ग्रेनेड, संचार उपकरण, बड़ी मात्रा में खाने-पीने की चीजें और जीवनयापन के लिए कपड़े बरामद किए गए हैं।