इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत एक केस दर्ज किया था। एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार कल्पेश पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर किसी महिला से बात कर रहा था। उनकी बातचीत इतनी गहरी हो गई थी कि वह महिला की हर बात मानने लगा था। आरोप है कि इस शख्स ने उस महिला के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं और उसके बदले में पैसे भी लिए थे।
एटीएस सूत्रों ने दावा किया है कि जो महिला आरोपी से बात कर रही थी वह पीआईओ की एजेंट है। वह इस शख्स को हनी ट्रैप में फंसा कर संवेदनशील जानकारियां जुटा रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार कल्पेश मझगांव डॉकयार्ड पर पिछले करीब एक दशक से काम कर रहा था। उसने इस कंपनी के साथ मई 2014 में काम करना शुरू किया था। बता दें कि वह मूल रूप से रायगढ़ जिले के अलीबाग इलाके का रहने वाला है।
दिसंबर 2023 में भी सामने आया था ऐसा ही मामला
उल्लेखनीय है कि यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी महाराष्ट्र एटीएस ने 23 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। वह शख्स भी मझगांव डॉकयार्ड पर काम करता था और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव की एक एजेंट के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रहा था। इस शख्स की पहचान गौरव पाटिल के रूप में हुई थी।