लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार लगी है। कोर्ट ने डेटा शेयरिंग के बहाने निजता से खिलवाड़ पर मेटा और वॉट्सऐप कंपनी को साफ कहा है कि कोई भी कंपनी इस तरह से देश की जनता के अधिकार से खिलवाड़ नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने वॉट्सऐप को कहा कि अगर भारत के नियम नहीं मानने हैं तो तुम्हें देश छोड़कर निकल जाना चाहिए।
मामला मेटा और वॉट्सऐप ने कॉम्पटीशन कमिशन ऑफ इंडिया के फैसले का था, जिसपर कंपनी पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि 9 फरवरी को बेंच जुर्माने को लेकर अंतरिम आदेश पारित करेगी।
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बता दें कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने साल 2024 नवंबर में एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि वॉट्सऐप की 2021 में गोपनीयता नीति की जांच की गई। इसमें पाया गया कि यूजर्स पर मानो या तो छोड़ दो की नीति थोपी गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि यूजर्स को ऑप्ट आउट करने का भी विकल्प नहीं दिया गया है। आयोग ने कहा था कि यह प्रतिस्पर्धा नियम 2002 के खिलाफ है। इसी आधार पर कंपनी पर 213.14 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी।
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सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि 9 फरवरी को मामले में अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा। मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में निजता के अधिकार की सख्ती से रक्षा की जाती है। सख्त टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों की गोपनीयता संबंधी शर्तें इतनी चालाकी से तैयार की गई हैं कि आम नागरिक उन्हें समझ ही नहीं पाएंगे। ये कंपनियां उनका डेटा चोरी करती रहेंगी।
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