दुनिया में कई देश हैं, जिनके पास कच्चे तेल का भंडार है. ये ईंधन कई मुल्कों को आबाद भी कर चुका है तो कई देश बर्बाद भी हुए हैं. वेनेजुएला इसका ताजा उदाहरण है. हालांकि कच्चा तेल मिलना किसी खजाने से कम नहीं है और इस मामले में अब भारत की भी किस्मत चमक उठी है. अबू धाबी के रेगिस्तानी इलाके में भारतीय कंपनियों ने कच्चे तेल का ऐसा भंडार खोज लिया है, जिससे ऊर्जा के मामले में हमारी ताकत और मजबूत होने वाली है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शेयर किया वीडियो
दरअसल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की संयुक्त कंपनी उर्जा भारत पीटीई लिमिटेड ने अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक 1 में दो बड़े कुओं से हल्का कच्चा तेल निकालने में सफलता हासिल की है. इसकी आधिकारिक घोषणा 14 जनवरी 2026 को की गई. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया मील का पत्थर बताया.
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100% अधिकार उर्जा भारत के पास
कहानी 2019 से शुरू होती है, जब इस ब्लॉक को एक्सप्लोरेशन के लिए भारतीय जॉइंट वेंचर को सौंपा गया था. इलाका करीब 6,162 वर्ग किलोमीटर का है और यहां पर 100% अधिकार उर्जा भारत के पास हैं. अब तक इस प्रोजेक्ट में लगभग 166 मिलियन डॉलर का निवेश हो चुका है. पहली सफलता 2024 की शुरुआत में मिली थी, जब XN-76 नाम के एक्सप्लोरेटरी वेल में शिलाइफ प्ले से हाइड्रोफ्रैकिंग के बाद सतह पर हल्का कच्चा तेल बहने लगा. ये अनकन्वेंशनल ऑयल रिसोर्सेज की मौजूदगी का सबूत था.
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टीम ने हार नहीं मानी और आगे बढ़ते हुए दूसरे वेल XN-79 02S में टेस्टिंग की, जहां हबशन रिजर्वॉयर से भी अच्छी मात्रा में लाइट क्रूड ऑयल निकला. ये इस रिजर्वॉयर में पहली खोज है, जो कंपनी के लिए बहुत बड़ी बात है. ये खोज सिर्फ तेल निकालने की बात नहीं है, बल्कि भारतीय इंजीनियर्स और वैज्ञानिकों की तकनीकी ताकत का भी कमाल दिखाती है. कड़ी मेहनत, लंबी रणनीति और टीमवर्क से ये मुमकिन हुआ. अब कंपनी इस ब्लॉक में और संभावनाओं को टटोल रही है, ताकि भविष्य में प्रोडक्शन शुरू हो सके.