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केरल में प्रोफेसर पर हमला मामले में पीएफआई के पांच सदस्य दोषी करार, एनआईए कोर्ट कल सुनाएगी सजा

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Kerala Professor Assault Case: कोच्चि एनआईए कोर्ट ने बुधवार को केरल के प्रोफेसर टीजे जोसेफ के हाथ काटने के मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों साजिल, नसर, नजीब, नौशाद, मोयदीनकुंजू और अयूब को आरोपों का दोषी पाया। वहीं, पांच अन्य को कोर्ट ने बरी कर दिया। एनआईए कोर्ट गुरुवार दोपहर तीन बजे सजा का ऐलान करेगी।

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर टीजे जोसेफ ने थोडुपुझा में कहा कि कानून ने आरोपियों को पकड़ लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि उन्हें मामले में न्याय मिलेगा। उन्होंने अफसोस जताया, “जो लोग आरोपी हैं, वे धार्मिक कट्टरपंथियों के प्रभाव में थे। मेरा मानना है कि इस साजिश और आतंक के पीछे असली अपराधी अभी भी बड़े पैमाने पर हैं।”

पीड़ित बोले- इस बात से हूं नाखुश

पीड़ित प्रोफेसर ने ये भी कहा कि वे इस बात से नाखुश हैं कि केरल पुलिस मुख्य आरोपियों में से एक सावद के ठिकाने का पता लगाने में असमर्थ रही, जो पिछले 13 वर्षों से फरार है।

इस बीच एनआईए के पूर्व एसपी टीके राजमोहन ने फैसले पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि ये उन सभी युवाओं के लिए एक सबक है जो धार्मिक कट्टरपंथियों के बहकावे में आ जाते हैं। मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने प्रोफेसर के आतंक का शिकार होने के बाद उनसे पहली बार मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि न्याय तभी पूरा होगा जब सवाद गिरफ्तार हो जाएगा।

बता दें कि मामला चार जुलाई 2010 का है। इडुक्की जिले के थोडुपुझा में न्यूमैन कॉलेज के प्रोफेसर टीजे जोसफ का दाहिना हाथ काट दिया गया था। दोषियों वे वारदात को उस वक्त अंजाम दिया था, जब प्रोफेसर एक चर्च में प्रार्थना सभा से परिवार के साथ घर लौट रहे थे।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान शुरुआत में 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 11 लोगों के खिलाफ आरोप दायर किया था।

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