Kerala Court Death Sentence to Aluva Minor Girl Rape Case Accused: केरल की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एर्नाकुलम POCSO कोर्ट ने मंगलवार को अलुवा में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी असफाक आलम को मौत की सजा सुनाई है। घटना लगभग चार महीने पहले हुई थी, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था। इसके अलावा, आलम को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की पांच धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उसे सबूत नष्ट करने के लिए पांच साल, नाबालिग को नशीला पदार्थ देने के लिए तीन साल की सजा, नाबालिग से बलात्कार के लिए आजीवन कारावास और हत्या और बलात्कार के लिए मौत की सजा दी गई।
चार महीने के भीतर दोष सिद्ध
अदालत के फैसले में कहा गया- "ये पांच आजीवन कारावास की सजाएं एक साथ चलेंगी।" अदालत ने बिहार के रहने वाले प्रवासी मजदूर आलम पर 7.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आरोपी को आईपीसी, POCSO अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। जब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सोमन ने फैसला सुनाया तो वह अदालत में मौजूद था। घटना के चार महीने के भीतर ही उसका दोष सिद्ध हो गया। असफाक आलम को 28 जुलाई को घटना वाली रात गिरफ्तार किया गया था।
7 सितंबर को शुरू हुई थी मामले की सुनवाई
एर्नाकुलम कोर्ट ने 7 सितंबर को मामले की सुनवाई शुरू की थी। 16 सितंबर को आरोप तय किए गए। इसके बाद 4 अक्टूबर को सुनवाई शुरू हुई। आलम को 4 नवंबर को उसके अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था। आज मामले में सजा सुनाई गई। बता दें कि 28 जुलाई को केरल के एर्नाकुलम जिले के अंतर्गत आने वाले अलुवा नगर पालिका में एक 5 वर्षीय लड़की को उसके घर से लगभग 3 बजे अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया गया। पुलिस ने कहा कि बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उसे अलुवा बाजार के पास एक दलदली इलाके में फेंक दिया गया। जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
800 पन्नों की चार्जशीट
मामले की जांच करने वाली केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2 सितंबर को POCSO अदालत में आरोपी के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में तेजी लाई गई और मुकदमा तीन महीने की अवधि में पूरा कर लिया गया। कोच्चि पुलिस ने कहा कि हत्या के दिन के सीसीटीवी फुटेज से उन्हें आरोपियों को पकड़ने और मामले को सुलझाने में मदद मिली। स्थानीय लोगों ने भी आरोपी को बच्चे का अपहरण करते हुए देखा था। बच्चे का परिवार पिछले एक दशक से एडप्पारम में रह रहा था।