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वैष्णो देवी के भक्तों के लिए गुड न्यूज, नई दिल्ली से डायरेक्ट ट्रेन इस तारीख से

भारतीय रेलवे ने देशभर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई नई ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू करने का फैसला किया गया है, जिससे यहं पर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्री माता वैष्णो देवी के मंदिर जाने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, श्रीनगर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। इसके साथ ही देश में कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक ट्रेन से सफर किया जा सकेगा। वर्तमान में कटरा से श्रीनगर जाने में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगता है, लेकिन नई वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने से यह सफर महज 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

19 अप्रैल को उद्घाटन

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 19 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह ट्रेन कटरा और श्रीनगर के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम करेगी, जो दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज चेनाब रेल ब्रिज समेत कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेन के लिए दिल्ली से जाने वाले यात्रियों को टिकट नई दिल्ली से श्रीनगर तक का लेना होगा, लेकिन यात्रियों को कटरा पहुंचने के बाद दूसरी ट्रेन लेनी होगी। ये भी पढ़ें: रेलवे अधिकारियों ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, रिटायर्ड फौजी को लौटाए 1 लाख रुपये

क्या रहेगा समय और रूट?

वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा से चलकर उधमपुर, रामबन, बनिहाल, अनंतनाग होते हुए श्रीनगर में पहुंचेगी। यह ट्रेन सुबह कटरा से निकलेगी, जो दोपहर तक श्रीनगर पहुंच जाएगी। वहीं, वापसी में शाम को श्रीनगर से चलकर रात तक कटरा पहुंचेगी। हालांकि, अभी सटीक समय सारणी का ऐलान होना बाकी है।

कितना होगा किराया?

वंदे भारत एक्सप्रेस में किराया दूरी और कोच के हिसाब से तय किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कटरा से श्रीनगर तक चेयर कार का किराया लगभग 800 रुपये से 1,000 रुपये के बीच तय किया जा सकता है। जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1,600 रुपये से 2,000 रुपये के बीच हो सकता है। इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वंदे भारत से कटरा से श्रीनगर की यात्रा केवल 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी। आपको बता दें कि कश्मीर को रेल मार्ग से जोड़ने की इस परियोजना को 1997 में शुरू किया गया था, लेकिन इसके काम में कई परेशानियां आईं, जिसके चलते निर्माण में लगातार देरी होती गई। ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे नवकार महामंत्र का जाप, 108 देशों के लोग होंगे शामिल


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