Udupi Video Incident: उडुपी में एक पैरामेडिकल कॉलेज के टॉयलेट में लड़कियों का MMS बनाने के मामले में कर्नाटक पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। पहला केस टॉयलेट में बनाए गए एक छात्रा के वीडियो को हटाने से संबंधित है। जिसमें तीन छात्राओं और कॉलेज प्रशासन पर केस दर्ज किया गया है। जबकि दूसरा मामला यूट्यूब चैनलों पर हिडन कैमरे का वीडियो अपलोड करने से जुड़ा है। अभी मामले की जांच की जा रही है।
एफआईआर उडुपी के मालपे पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। एफआईआर में तीन छात्राओं का नाम शामिल है। सूत्रों ने कहा कि एफआईआर में कॉलेज प्रशासन का भी नाम लिया गया है, जो आईटी अधिनियम की धारा 509, 204, 175, 34 और 66 (ई) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि नेत्र ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज के वॉशरूम में वीडियो रिकॉर्डिंग के संबंध में दो अलग-अलग स्वत: संज्ञान मामले दर्ज किए गए हैं।
दरअसल, पिछले दिनों कॉलेज के वॉशरूम में वीडियो बनाने के आरोप में तीनों छात्राओं को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया था। इस मुद्दे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भाजपा ने हिंदू लड़की का वीडियो बनाने में शामिल तीन मुस्लिम छात्रों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
राजनीतिक दबाव में है पुलिस
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का दावा है कि यह फर्जी खबर है। अगर ऐसा है तो तीन लड़कियों को कॉलेज से सस्पेंड क्यों किया गया। उनके माफीनामा क्यों लिखवाया गया? पुलिस राजनीतिक दबाव में है।