कर्नाटक के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने यतनाल को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। आइए जानते हैं कि यतनाल के खिलाफ ये कार्रवाई क्यों हुई?
पार्टी ने 10 फरवरी को भेजा था नोटिस
बीजेपी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने यह कड़ा कदम पार्टी अनुशासन के बार-बार उल्लंघन करने के कारण उठाया है। भाजपा की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 10 फरवरी 2025 को भेजे गए कारण बताओ नोटिस का बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने जवाब दिया था, लेकिन उनके लगातार अनुशासनहीनता के चलते समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया।
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पार्टी और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की थी टिप्पणी
विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को पार्टी, वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बी विजयेंद्र के खिलाफ बयानबाजी करने के कारण 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक द्वारा हस्ताक्षर पत्र में कहा गया है कि यतनाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है और वह अब किसी भी पार्टी पद पर नहीं रहेंगे।
बीजापुर शहर से विधायक हैं यतनाल
गौरतलब है कि बसनगौड़ा पाटिल यतनाल कई बार अपने विवादित बयानों और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण चर्चा में रहे हैं। यह निष्कासन कर्नाटक की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। वे कर्नाटक के बीजापुर शहर से विधायक हैं। बीजेपी हाईकमान ने जांच में पाया कि अच्छे व्यवहार के आश्वासनों के बावजूद यतनाल ने बार-बार पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया।
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