कर्नाटक के गोविंदपुरा गांव में बदले की आग में अंधे एक शख्स ने अपने ही सगे भाई के परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद ही उस आग की चपेट में आ गया. आरोपी की पहचान मुनिराजू के रूप में हुई है, जो अब अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.
CCTV में कैद हुई खौफनाक करतूत
घटना आधी रात की है. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि मुनिराजू अपने बड़े भाई रामकृष्ण के घर पहुंचता है. सबसे पहले उसने बाहर से मुख्य दरवाजा बंद कर दिया ताकि अंदर मौजूद लोग बाहर न निकल सकें. इसके बाद उसने घर के चारों ओर पेट्रोल छिड़कना शुरू किया. जैसे ही उसने आग लगाई, पेट्रोल की वजह से लपटें अचानक भड़क उठीं. पेट्रोल छिड़कते वक्त मुनिराजू के हाथों और कपड़ों पर भी तेल गिर गया था, जिसके कारण वह खुद आग की लपटों में घिर गया और 'आग का गोला' बनकर चीखने लगा.
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क्या थी दुश्मनी की वजह?
पुलिस के मुताबिक, इस जानलेवा हमले के पीछे संपत्ति का विवाद और बदले की भावना थी. मुनिराजू पिछले 8 साल से गांव में एक चिटफंड स्कीम चला रहा था, जिसमें उसे भारी नुकसान हुआ. कर्ज चुकाने के लिए परिवार को अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचना पड़ा. मुनिराजू चाहता था कि बाकी बची हुई जमीन भी बेच दी जाए, लेकिन उसके बड़े भाई रामकृष्ण ने इससे इनकार कर दिया. इसी खुन्नस में मुनिराजू ने भाई का घर फूंकने की साजिश रची.
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अस्पताल से सीधे जाएगा जेल
मुनिराजू की चीखें सुनकर पड़ोसियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और उसे बचाया. उसे गंभीर हालत में पहले होसकोटे अस्पताल और फिर बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. तिरुमलाशेट्टीहल्ली पुलिस ने मुनिराजू के खिलाफ 'हत्या के प्रयास' का मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.