Kargil Vijay Diwas: जब दो देशों में जंग होती है तो उसमें से किसी एक की हार और किसी एक की जीत होती है। देश की जीत के पीछे बहुत से सैनिकों और उनके परिवार का बलिदान शामिल होता है। कारगिल की जंग में 527 सैनिक शहीद हुए। इनकी शहादत के बाद उनसे जुड़ी कई कहानियां सामने आईं। किसी मां ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति। वहीं, एक वीर जवान ऐसा भी था, जो जंग में जाने से पहले अपनी मंगेतर से रिश्ता तोड़ते हुए अंगूठी लौटा गया था। एक जवान ऐसा भी है, जिसको 15 गोलियां लगीं, लेकिन फिर भी उन्होंने दुश्मनों को मार गिराया। ऐसे ही वीर जवानों की कुछ कहानियां यहां पढ़िए।
15 गोलियां लगीं लेकिन दुश्मन की गर्दन उड़ा दी
ये बोल हैं परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव के। ये वही योगेंद्र सिंह यादव हैं, जो मात्र 19 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे। भर्ती होते ही उनको जंग पर जाना पड़ा। योगेंद्र यादव ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए जंग के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी जानकारी दी थी। उनका कहना था कि जब वह अपने साथियों के साथ टाइगर हिल पर पहुंचे तो दुश्मनों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इसमें उनके 6 साथी शहीद हो गए। योगेंद्र यादव को भी उस समय 15 गोलियां लगी थीं। वह बताते हैं कि दुश्मन को लगा कि हम सभी की जान जा चुकी है, तो वह जश्न मना रहे थे।
ये भी पढ़ें: Kargil Diwas 2024: कैप्टन विजयंत थापर की शहादत की कहानी पिता की जुबानी, देखें एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
पाकिस्तान के सैनिकों को ये नहीं पता था कि योगेंद्र सिंह यादव में अभी भी जान बाकी थी। वह बताते हैं कि मेरे पास एक हैंड ग्रेनेड था, जिसे हिम्मत करके मैंने पाकिस्तान के सैनिक के ऊपर फेंक दिया। वह ग्रेनेड उस सैनिक के कोट में चला गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता ग्रेनेड फट गया और उनके चिथड़े उड़ गए।
शहीद कैप्टन अनुज नय्यर के दिल में क्या था?
सैकड़ों शहीदों में से एक शहीद कैप्टन अनुज नय्यर भी शामिल थे। उनके परिवार वाले बताते हैं कि वह नियम से घर वालों के लिए चिट्ठियां लिखा करते थे। उनके लेटर्स में पाकिस्तानी घुसपैठ को लेकर अक्सर गुस्सा देखा जाता था। शहीद कैप्टन की मां ने एक न्यूज चैनल को बताया कि उनका बेटा जब मिशन के लिए घर से निकला तब वह अपना सब सामान छोड़ गया था। वहीं, अनुज नय्यर के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि ‘जब वह जंग के लिए निकले थे, तब उन्होंने मुझे अपनी इंगेजमेंट रिंग दे दी थी।’
उन्होंने बताया कि मैंने उनको कहा कि इसको पहन के जाओ, इससे लड़ने की ताकत मिलेगी। ज्यादा जोश के साथ लड़ना, लेकिन अनुज नय्यर इसके लिए तैयार नहीं हुए।’ उन्होंने कहा था कि मैं ये नहीं चाहता कि ये अंगूठी दुश्मन के पास पहुंच जाए। इसके अलावा, अनुज की ख्वाहिश थी कि अगर वो वापस नहीं आए तो यह अंगूठी उनकी उनकी मंगेतर तक पहुंचा दी जाए।
ये भी पढ़ें: कारगिल जंग में शामिल थी पाकिस्तानी सेना, 25 साल बाद किसने कबूल किया सच?
संबंधित खबरें
कोलकाता राजधानी के फर्स्ट AC में पुराने कंबल नहीं, मिलेंगे फ्लोरल कम्फर्टर
46 mins ago'गला दबाया, चेहरा नाखूनों से नोचा', राहुल ने NSUI छात्रा को बताया शेरनी
1 hr agoपति-पत्नी दोनों के नाम था घर, फिर HC ने हस्बैंड से खाली करने को क्यों बोला?
2 hrs agoअभिजीत दीपके के मेंटर रिहा, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा तिहाड़?
3 hrs agoहाईजैक अलर्ट के बाद जर्मनी-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग
3 hrs agoनेहा, केजरीवाल, चंद्रशेखर... राहुल की 'हाई टी' में क्यों हुई इनकी चर्चा?
5 hrs agoLIVE: जंतर-मंतर की तरफ मार्च कर रहे लेफ्ट संगठन के छात्रों को पुलिस ने रोका
7 hrs agoसौरव दास, रांका और अजिंक्य शिंदे प्रिवेंटिव अरेस्ट, आज कोर्ट में पेशी
8 hrs ago'राहुल गांधी ने मुझे धक्का नहीं दिया', BJP के आरोप पर बोले DK शिवकुमार
15 hrs agoजंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर हटाने का आदेश किसने दिया?: दिल्ली HC
16 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines