मौसम विभाग ने अगले 30 घंटों के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी अलर्ट जारी किया है. दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में बादलों की गरज के साथ आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और वज्रपात यानी बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. शीतलहर और घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रहेगी जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार और हवाई सेवाओं पर असर पड़ने का अंदेशा है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई गई है.
बर्फीली हवाओं से कांपेंगे मैदानी इलाके
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश का सिलसिला 4 फरवरी तक जारी रहेगा. गुलमर्ग, शिमला और मनाली जैसी जगहों पर तापमान शून्य से नीचे गिर गया है जिससे घाटी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के राज्यों में 'कोल्ड डे' जैसी स्थिति बनी रहेगी. मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों पर कोहरे का असर इतना ज्यादा रहेगा कि पहाड़ियां पूरी तरह से ढकी नजर आएंगी. इस बर्फीली ठंड से फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.
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दिल्ली-NCR में बारिश से सुधरी हवा
दिल्ली और नोएडा में पिछले 24 घंटों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने प्रदूषण के स्तर को कम कर दिया है. दिल्ली में एक्यूआई (AQI) का स्तर 200 के करीब पहुंच गया है जो लोगों के लिए थोड़ी राहत की बात है. वहीं राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से जयपुर, पाली और अलवर जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 7 से 11 डिग्री के बीच बना हुआ है. हरियाणा और पंजाब में भी अधिकांश भागों में बादल छाए रहेंगे और शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा. दक्षिण भारत की बात करें तो मुंबई में गर्मी का एहसास हो रहा है जबकि तमिलनाडु में चक्रवात की आहट से बारिश की चेतावनी दी गई है.
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह
मौसम विभाग ने तमिलनाडु और केरल के तटीय इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक्टिव होने का पूर्वानुमान लगाया है. इसकी वजह से 5 फरवरी तक तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों में आंधी-तूफान और भारी बारिश हो सकती है. अत्यधिक बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. केरल और लक्ष्यद्वीप के समुद्री तटों पर ऊंची लहरें उठने की आशंका है जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है. देश के अलग-अलग हिस्सों में बदले इस मौसम ने खेती से लेकर यात्रा तक सब कुछ प्रभावित कर दिया है.