18 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम का तट एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है. भारतीय नौसेना 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू' (IFR) के जरिए दुनिया को अपनी अजेय शक्ति का परिचय देने वाली है. इस बार मुख्य आकर्षण होगा स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत और उसका घातक कैरियर बैटल ग्रुप. बता दें, ऑपेरशन सिंदूर के दौरान इंडियन नेवी ने कोई भी हमला पाकिस्तान पर नहीं किया था लेकिन इंडियन नेवी की अरब सागर में चहलकदमी ने ही पाकिस्तानी फौज को सकते में डाल दिया था. आईएनएस विक्रान्त की ताकत के आगे पाकिस्तानी वॉरशिप भी अपने हार्बर से बाहर नहीं निकल पाए थे.
इस महीने विशाखापटनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत अपने कैरियर बेटल ग्रुप के साथ शामिल होगा.
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भारतीय नौसेना ने न्यूज 24 को बताया कि कैरियर बैटल ग्रुप में एयरक्राफ्ट कैरियर के चारों तरफ सबमरीन भी होती हैं. साथ ही 8 से 10 वॉरशिप भी इसका हिस्सा होते हैं. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में नीलगिरी क्लास का फ्रिगेट भी शामिल होगा. 18 फरवरी को विशाखापत्तनम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू करेंगी. रिव्यू करने के लिए स्वदेशी नेवल ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुमेधा को प्रेजिडेंट यॉट बनाया गया है. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के लिए नेवी ने दुनिया के 137 देशों को न्योता दिया है.
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पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू साल 2001 में किया गया था. तब राष्ट्रपति केआर नारायणन ने INS सुकन्या से फ्लीट का निरीक्षण किया था. उस फ्लीट रिव्यू में 20 देशों के 97 वॉरशिप शामिल हुए थे. जिनमें 73 भारतीय और 24 विदेशी वॉरशिप थे. IFR का दूसरा एडिशन विशाखापत्तनम में साल 2016 में आयोजित किया गया था, जिसमें 50 देशों के करीब 100 वॉरशिप शामिल हुए थे. तब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने INS सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था.