भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की तैयारी में है. अब टिकट के लिए स्टेशन की भागदौड़ और लंबी लाइनों से छुटकारा मिलने वाला है. उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन ने आम जनता के लिए यात्री टिकट सुविधा केंद्र यानी YTSK खोलने की योजना शुरू की है. इसके तहत अब लोगों को टिकट लेने के लिए रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मोहल्ले या नजदीकी बाजार में ही आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के टिकट मिल सकेंगे. त्योहारों और छुट्टियों में स्टेशन पर लगने वाली भीड़ से भी राहत मिलेगी. यह सुविधा सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के साथ प्लेटफॉर्म टिकट के लिए भी उपलब्ध होगी. रेलवे का मानना है कि इससे आम आदमी का समय और मेहनत दोनों बचेंगे.
कौन कर सकता है आवेदन और क्या है आखिरी तारीख?
उत्तर रेलवे ने दिल्ली डिवीजन में YTSK खोलने के लिए आवेदन मांगे हैं. रेलवे और IRCTC से अधिकृत टिकट एजेंट इसके लिए पात्र होंगे. आवेदन की अंतिम तारीख 30 जनवरी 2026 तय की गई है. इच्छुक लोग उत्तर रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नियम और शर्तें देख सकते हैं. इसके अलावा आवेदन ईमेल के जरिये भी भेजा जा सकता है. ध्यान रहे कि 30 जनवरी दोपहर 3 बजे के बाद आए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसके बाद जांच प्रक्रिया पूरी की जाएगी और योग्य एजेंटों को केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी.
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आम यात्रियों को क्या-क्या फायदे होंगे?
इस योजना से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत के रूप में मिलेगा. अब लोगों को 10 से 15 किलोमीटर दूर बड़े रेलवे स्टेशन जाने की मजबूरी नहीं रहेगी. आरक्षित और अनारक्षित टिकट एक ही जगह मिल जाएंगे. जनरल टिकट, पैसेंजर ट्रेन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट भी नजदीकी केंद्र से मिल सकेंगे. अधिकृत केंद्र होने के कारण दलालों से छुटकारा मिलेगा और तय शुल्क पर ही टिकट मिलेगा. इससे ठगी की शिकायतें कम होंगी और यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा.
रोजगार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे का यह कदम सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि रोजगार के लिए भी अहम है. स्थानीय स्तर पर नए टिकट केंद्र खुलने से लोगों को काम के अवसर मिलेंगे. मजदूर और आम कर्मचारी अब टिकट के लिए अपनी दिहाड़ी नहीं गंवाएंगे. रेलवे की पहुंच हर इलाके तक बढ़ेगी और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी का सपना मजबूत होगा. कुल मिलाकर यह योजना 2026 में भारतीय रेलवे को सुविधा और संवेदनशीलता के नए मुकाम पर ले जाने वाली साबित होगी.