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भविष्य के युद्ध की तैयारी: पिनाका रॉकेट लॉन्चर होगा और ज्यादा घातक

भविष्य के युद्ध को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना पिनाका रॉकेट लॉन्चर को नई पीढ़ी का बना रही है, जिसके लिए टाटा और L&T को बड़ा रक्षा ऑर्डर मिला है. इस अपग्रेडेशन से पिनाका की मारक क्षमता, तकनीक और ऑपरेशनल ताकत में बड़ा इजाफा होगा

वर्तमान में चल रहे युद्द नीति को देखते हुए भारतीय सेना भी भविष्य के युद्द के लिए पूरी तरह से अपडेट रहना चाहती है. इसके लिए भारत की तीनों सेना लगातार अपने हथियार और उससे जुड़े सभी सामानों को नई पीढ़ी का बनाने में जुटी हुई है और इसी मकसद से पिनाका रॉकेट लॉन्चर को अपग्रेड किया जा रहा है. आपको बता दे कि इसे अपग्रेड टाटा और एलएंडटी करेंगी.

रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक बड़ा डील टाटा और एलएंडटी के साथ किया गया है. आपको बता दे कि रुस और युक्रेन की युद्द में रॉकेट लॉचर और ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया,यही लड़ाई ऑपरेशन सिंदूर के समय देखी गई जब पाकिस्तान की तरफ से कई ड्रोन और रॉकेट से हमले किए गए,लेकिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी हवाई हमलों को ध्वस्त कर दिया था. इसी से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अब अपने रॉकेट सिस्टम को नई पीढ़ी के बनाने पर जोर दिया है,और इसकी पेशकश निजी कंपनी से की गई है. सिर्फ रॉकेट लॉचर ही नहीं सेना के तोपखाने को भी और भी
ज्यादा बेहतर बनाने की कवायद तेज कर दी गई है.

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रक्षा मंत्रालय की तरफ से कई कंपनियों को टेंडर देने के लिए बुलाया गया था जिसमें एलएंडटी और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की पूराने रिॉकार्ड को देखते हुए इस कंपनी को ऑडर दे दिया गया है. सेना सूत्रों के मुताबिक सेना की कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने एलएंडटी को ऑर्डर दिया है.एलएंडटी के साथ हुए डील में पिनाका सिस्टम का ओवरहॉल और अपग्रेडेशन के साथ ही इसमें लगे सभी पार्टस को नए तरीके से लगाने के साथ ही कई बेहतर तकनीक से इसे लैस किया जाएगा.

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सेना के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज 24 को बताया कि इस अपग्रेडेशन से आत्मनिर्भर भारत से बने आर्मस की उम्र तो बढेगी ही साथ ही अगर युद्द की नौबत आती है तो इसका ऑपरेशनल क्षमता और भी ज्यादा बेहतर हो जाएगा. एलएंडटी के एक अधिकारी के मुताबिक एलएंडटी केवल मरम्मत नहीं करेगी. कंपनी पुराने इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम को भी बदलेगी. पिनाका के सभी सिस्टम को अपग्रेडेशन करने का काम आर्मी बेस में ही किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक सेना के 510 आर्मी बेस वर्कशॉप आर्टिलरी सिस्टम यानी तोपची और तोपखाने के रखरखाव के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. आपको बता दे कि सेना ने एक टेक्निकल बेसीस पर यह काम शुरु करवाने जा रही है,फिलहाल एक शुरुआती प्रोजेक्ट के तौर पर लॉचर और बैटरी कमांड पोस्ट को शामिल करके काम किया जाएगा. अगर यह प्रोजेकट पूरी तरह से सफल होगा तो उसके बाद दूसरे सिस्टम पर भी काम की शुरुआत कर दी जाएगी.

आखिर ऐसी क्या खासियत है पिनाकार रॉकेट लॉचर में जिसके लिए भारतीय सेना हमेशा उत्साहित रहती है. रिटायर्ड मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक पिनाका को अगर सिर्फ बॉडर पर ही तैनात कर दिया जाए,तो इसकी तैनाती ही देखकर दुश्मन की आधी ताकत खूद ही कम हो जाती है. क्योकि यह रॉकेट लांचर दूश्मन देश पर भंयकर तबाही मचाने का माद्दा रखती है. किसी भी मौसम में इस रॉकेट लॉचर को दागा जा सकता है. इसमें लगी सिस्टम 80 प्रतिशन आत्मनिर्भर भारत से बने हुए लगे हुए है. साल 2025 के दिसबंर महिने में डीआरडीओ ने पिनाके के नए वर्जन का परीक्षण किया था जिसकी मारक क्षमता
120 किलोमिटर आंकी गई थी. एलएंडटी और टाटा को मिले अपग्रेडेशन के ये ऑर्डर बेहद ही अहम माना जा रहे हैं,क्योकि एलएंडटी पहले से ही सेना के लिए काम करते आ रही है.


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