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‘परमाणु बयानबाजी की हवा निकली, अब कोई भी हरकत हुई तो माकूल जवाब मिलेगा’, आर्मी चीफ का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

Indian Army Operation Sindoor: भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और अब अगर पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान को यह चेतावनी भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने दी है.

Indian Army Chief General Upendra Dwivedi

Indian Army Warning For Pakistan: भारत सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को साफ-साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की परमाणु हमले को लेकर की गई बयानबाजी की हवा निकल गई है और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. ऐसे में अब अगर कुछ भी हरकत होती है या पाकिस्तान की ओर से कोई दुस्साहस किया जाता है तो माकूल जवाब दिया जाएगा.

भारत और चीन सीमा पर हालात स्थिर हैं

दिल्ली में एनुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि नॉर्दन फ्रंट में स्थिति फिलहाल स्थिर है, जिस पर भारतीय सेना को लगातार नजर रखने की जरूरत है. सेना के शीर्ष स्तर पर चल रही बातचीत सामान्यीकरण में मदद कर रही है. वहीं तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है. जम्मू कश्मीर में स्थिति सेंसेटिव है, लेकिन कंट्रोल में है. साल 2025 में 31 टेररिस्ट मारे गए, जिसमें 65 प्रतिशत आतंकी पाकिस्तानी थे.

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आर्मी चीफ ने बताया कि भारतीय सेना में री-स्ट्रक्चरिंग जारी है, रूद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट, अश्नि प्लाटून बनाई है. पहली बार कोर कमांडर को भी इमरजेंसी प्रॉक्यूरमेंट पावर दी गई है. म्यांमार चुनाव खत्म होने के बाद भारत, म्यांमार की सेनाएं प्रभावी ढंग से जुड़ सकती हैं. थिएटराइजेशन को लेकर इंडियन आर्मी शुरू से कमिटेड है. मैं देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इंडियन आर्मी हर स्थिति में सजग, सबल और संकल्पबद्ध है.

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पाकिस्तान से DGMO लेवल पर चर्चा जारी

ऑपरेशन सिंदूर के वक्त जो फॉरवर्ड मूवमेंट हु़ए थे, उसे दोनों देशों की तरफ से धीरे-धीरे कम किया. हालांकि हमारे आंख-कान खुले हैं, लेकिन अभी भी IB और LoC के दूसरी तरफ करीब 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं. इसमें 2 आतंकी कैंप IB के पास और 6 LoC के पास हैं. पाकिस्तान के साथ DGMO स्तर की बातचीत में न्यूक्लियर की कोई बात नहीं हुई है. ड्रोन का इस्तेमाल पहले भी कर रहे थे और अब री-स्ट्रक्चर को लेकर सोच रहे थे, अब इस पर काम तेज किया है.

आर्मी चीफ ने बताया कि भारतीय सेना के शक्तिबाण रेजिमेंट की रेंज शुरू में 100 से 400 किलोमीटर तक होगी, फिर इसे बढ़ाकर 700 से 1000 किलोमीटर तक किया जाएगा. फिलहाल 3 शक्तिमान रेजिमेंट को सेना में शामिल किया जाएगा. आर्मी की हर कमांड के पास करीब 5000 ड्रोन बनाने की क्षमता है. समय की मांग है कि भारत को भी मिसाइल-रॉकेट फोर्स खड़ी करनी पड़ेगी और ऐसा भी जितना जल्दी हो सके, उतना भारत की सुरक्षा के लिए अच्छा रहेगा.

बांग्लादेश के देश बातचीत के रास्ते खुले

आर्मी चीफ ने कहा कि बांग्लादेश के साथ तीनों सेनाओं के कम्युनिकेशन चैनल खुले हैं. हमारी उनकी मिलिट्री से लगातार बात होती रहती है, ताकि कोई मिसअंडरस्टैंडिग ना हो. 140 टेररिस्ट अभी भी कश्मीर में हैं, जिसमें से करीब 10 लोकल हैं और जो फोर्स हमने तैनात की है, उसमें कोई कमी नहीं रखी जा रही है.


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