India-Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव गहराता जा रहा है। लगातार बढ़ता तनाव युद्ध का रूप लेने लगा है। इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बसे सभी शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर में भी अलर्ट और ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दूल्ला ने लोगों से घरों में रहने की अपील भी की है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के DIG ने नागरिकों से खास अपील की है। यह रिक्वेस्ट सेना के काफिलों से संबंधित है, जिसमें कहा गया है कि लोग उनकी एक्टिविटीज के वीडियोज शेयर न करें।
रिक्वेस्ट नोटिस में जरूरी अपील
जम्मू-कश्मीर के डीआईजी IPS शिव कुमार शर्मा ने ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करते हुए लोगों से अनुरोध किया है कि जम्मू, सांब और कठूआ के निवासी आर्मी के किसी भी तरह के वीडियोज को शूट न करें तथा उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर बिल्कुल न करें। एडवाइजरी में वायु सेना, आर्मी और नेवी की मूवमेंट्स को कैप्चर करने और रील न बनाने की सलाह दी गई है।
ये भी पढ़ें- India-Pakistan Tension: नड्डा ने रद्द की सभी स्वास्थ्य अधिकारियों की छुट्टी
क्यों किया गया मना?
सीमावर्ती इलाकों के पास निवासियों से अपील करने के पीछे उद्देश्य है कि दुश्मनों तक किसी भी तरह की कोई सूचना या जानकारी न मिल सके। वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं और उन्हें सतर्क कर सकती है्। इसके अलावा, लोगों से गुजारिश की गई है कि वे फेक वीडियोज और बिना पुष्टि किसी खबर तथा वीडियो को फैलाने से बचें। सभी नागरिक मौजूदा हालातों के मद्देनजर रखते हुए सुरक्षाबलों का साथ दें।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव
22 अप्रैल को आतंकियों द्वारा आम नागरिकों की निर्मम हत्या का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। 7 मई को इस ऑपरेशन की सफलता के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तानी आर्मी भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल अटैक की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन इंडियन आर्मी पूरी निगरानी कर उनके मंसूबों पर पानी फेर रही है। फिलहाल, घाटी में भी लोगों से घरों के अंदर और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने के लिए कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आपातकालीन नंबर भी जारी किया है। यदि कोई अपने आस-पास किसी भी तरह की अप्रिय घटना या मूवमेंट को महसूस करता है तो 112 नंबर पर संपर्क कर सूचना दें।
ये भी पढ़ें-India Pakistan War Situation: अमेरिका चाहता है तनाव जल्द से जल्द कम हो, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन का बयान