India-EU Summit: दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और यूरोपीय संघ का 16वां शिखर सम्मेलन हुआ, जिसमें दोनों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल हुआ. 7 समझौतों पर साइन करके उनका आदान-प्रदान किया गया. 18 साल चली बातचीत के बाद हुए व्यापार समझौते का मकसद दोनों लोकतांत्रिक शक्तियों के व्यापार को 2032 तक आयात निर्यात को दोगुना करना है. वर्तमान में भारत-EU के बीच 108 बिलियन यूरो का ट्रेड होता है, साल 2023 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य है.
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हुआ ऐलान
बता दें कि आज 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई. इस दौरान दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत कई अहम समझौतों पर सहमति बनी. बातचीत के बाद तीनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें भारत-EU व्यापार समझौतों का ऐलान किया गया. मीडिया को पहले PM मोदी ने, फिर कोस्टा और फिर उर्सुला ने संबोधित किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक दिन बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि इत्तेफाकन 27 तारीख को भारत ने 27 देशों के साथ व्यापार समझौता किया है. भारत ने अपने आज तक के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है. यह एग्रीमेंट नए युग का आरंभ है, 2047 के भारत का ब्लू प्रिंट है. अब भारत और यूरोपीय संघ मिलकर रक्षा, सुरक्षा, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद के लिए मिलकर काम करेंगे. इंडो पैसिफिक में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे.
यूरोपीय संघ के नेताओं पर गर्व जताया
प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के नेता एंटोनियो कोस्टा को लिस्बन का गांधी कहा और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला के जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री और फिर EU की पहली महिला अध्यक्ष बनने पर गर्व जताया. उन्होंने कहा कि भारत-EU के बीच आज 108 बिलियन यूरो का ट्रेड होता है. 8 लाख भारतीय यूरोपीय संघ के देशों में रहते हैं. आज हुए व्यापार समझौता 200 करोड़ लोगों के लिए फ्री ट्रेड जोन बनाएगा. दोनों देशों के हर वर्ग, हर सेक्टर, हर बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित होगा.
दोनों में हुए समझौतों के बारे में बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-EU के बीच मोबिलिटी के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने पर सहमत बनी, ताकि भारत के लोग वहां काम करने जा सकें. काउंटर टेररिज्म और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सहयोग के लिए सुरक्षा सहयोग पर हस्ताक्षर किए हैं. भारत और EU के बीच का हुआ समिट यहां से आगे इतिहास को नई दिशा देने वाला साबित होगा. क्योंकि आज विश्व की 2 सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां एक साथ आई हैं. यह साथ इन्वेटमेंट बूस्ट करेगा, सप्लाई चेन मजबूत करेगा, इनोवेशन पार्टनरशिप को बल देगा.
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