पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित है और स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. सरकार का कहना है कि कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाकर अब करीब 70 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के मार्गों से किया जा रहा है.

बुधवार को अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पोत परिवहन मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा, खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी दी.

---विज्ञापन---

कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित

सरकार के अनुसार भारत की रोज़ाना कच्चे तेल की खपत करीब 55 लाख बैरल है और मौजूदा व्यवस्था के तहत उपलब्ध आपूर्ति सामान्य जरूरत से अधिक है. भारत अब करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति के स्रोतों में विविधता आई है. सरकार ने बताया कि दो अतिरिक्त कच्चे तेल के कार्गो भी भारत के लिए रास्ते में हैं, जिससे आपूर्ति की स्थिति और मजबूत होगी. देश की रिफाइनरियां फिलहाल बहुत ऊंची क्षमता पर काम कर रही हैं और कुछ मामलों में 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता उपयोग दर्ज किया गया है.

---विज्ञापन---

गैस आपूर्ति में आंशिक असर

प्राकृतिक गैस के मामले में भारत की कुल खपत करीब 189 एमएमएससीएमडी है, जिसमें से 97.5 एमएमएससीएमडी घरेलू उत्पादन से आती है. मौजूदा परिस्थितियों के कारण करीब 47.4 एमएमएससीएमडी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है.

इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ‘नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर’ जारी किया है, ताकि प्राथमिक क्षेत्रों को पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे. इसके तहत घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जा रही है. चाय उद्योग और अन्य उद्योगों को लगभग 80 प्रतिशत, जबकि उर्वरक संयंत्रों को करीब 70 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. इसके विपरीत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों की गैस आपूर्ति में लगभग 35 प्रतिशत कटौती की गई है ताकि प्राथमिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी की जा सकें.

LPG उत्पादन में 25% बढ़ोतरी

सरकार ने बताया कि भारत अपनी LPG खपत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है. मौजूदा हालात को देखते हुए 8 मार्च को सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया. इसके बाद घरेलू LPG उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है.

गैर-घरेलू LPG के मामले में अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए LPG आवंटन की समीक्षा के लिए IOC, HPCL और BPCL के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है.

दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत हालिया ₹60 बढ़ोतरी के बाद ₹913 है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह कीमत ₹613 बनी हुई है. सरकार के अनुसार उज्ज्वला परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी 80 पैसे प्रतिदिन से भी कम बैठती है. तेल विपणन कंपनियों के LPG पर होने वाले घाटे की भरपाई के लिए सरकार ने ₹30,000 करोड़ का मुआवजा भी मंजूर किया है.

सरकार ने यह भी माना कि कुछ क्षेत्रों में घबराहट के कारण सिलेंडर की अग्रिम बुकिंग और जमाखोरी की प्रवृत्ति सामने आई है. इसे देखते हुए LPG बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है और डिलीवरी में पारदर्शिता के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली को लगभग 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं तक लागू किया जा रहा है.

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की निगरानी

पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार फिलहाल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि चार जहाज पूर्व में हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक सवार हैं. इनकी सुरक्षा की निगरानी के लिए मंत्रालय और महानिदेशक शिपिंग में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है.

देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य है और निर्यात-आयात व्यापार को प्रभावित न होने देने के लिए बंदरगाहों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.

खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस

विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इज़राइल के नेताओं से बातचीत की है, जबकि विदेश मंत्री भी अपने समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं.

मंत्रालय के अनुसार ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और भारतीय दूतावास समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है. भारतीय छात्रों और तीर्थयात्रियों को तेहरान से सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है और मस्कट, रियाद तथा जेद्दा जैसे शहरों से फंसे भारतीयों को वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए स्वदेश लौटने में मदद दी जा रही है.

हालिया घटनाओं में व्यापारी जहाजों पर हुए हमलों में दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और एक व्यक्ति अब भी लापता है. कुछ घायल भारतीयों का इलाज चल रहा है और भारतीय मिशन उनकी मदद कर रहे हैं.

जमाखोरी रोकने के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक कर आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राज्यों से कहा गया है कि वे नियमित और विश्वसनीय जानकारी देने के लिए राज्य स्तर पर आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करें और जिला प्रशासन के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं.

सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी मंत्रालयों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है.