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भारत के चुनाव आयोग का पूरी दुनिया में डंका, 40 देश अपनाएंगे SIR मॉडल, करेंगे वोटर लिस्ट की सफाई

SIR मॉडल अब तक भारत तक ही सीमित था, लेकिन हाल ही में हुए एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 40 से ज्यादा देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने शुद्ध मतदाता सूची को लेकर अपनी सहमति जाहिर की है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

सिर्फ भारत ही नहीं, इन देशों में भी SIR.

भारत में इस समय चर्चा सिर्फ SIR की हो रही है. देश के कई राज्यों में SIR चल रहा है, जो देश के लिए बहुत जरूरी भी है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य अब भारत की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई लोकतंत्रिक देशओं में होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर लोकतांत्रिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMB) ने अपने यहां मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए इसी तरह का तरीका अपनाने पर जोर दिया है.

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42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने लिया सम्मेलन में हिस्सा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन' में भाग लेने के लिए 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों और 27 देशों के मिशन प्रमुखों ने भाग लिया. इस सम्मेलन के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में मतदाता सूची के शुद्धीकरण को लेकर सर्वसम्मति से प्रतिबद्धता व्यक्त की. सम्मेलन के अंतिम दिन कई देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने शुद्ध मतदाता सूची बनाने के साथ-साथ हर मतदाता को फोटो पहचान पत्र देने पर भी ध्यान देने का फैसला किया, जिससे देश के लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.

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बता दें कि इस सम्मेलन में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों/प्रतिनिधियों और 27 देशों के मिशन प्रमुखों सहित लगभग 1,000 लोगों ने भाग लिया था.

सम्मेलन के आखरी दिन ज्ञानेश कुमार ने कही बड़ी बात

सम्मेलन के समापन सत्र में 'दिल्ली घोषणा 2026' प्रस्तुत करते हुए भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल सभी चुनाव प्रबंधन निकायों ने घोषणा पत्र के पांच स्तंभों पर मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव संचालन, अनुसंधान और प्रकाशन, प्रौद्योगिकी का उपयोग और प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम करने का संकल्प लिया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस सम्मेलन के दौरान कहा कि कानून के मुताबिक सभी मतदाताओं के नाम वाली शुद्ध मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की नींव है. उन्होंने कहा कि चुनावों को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव निकायों को हर मतदाता को फोटो पहचान पत्र देने की कोशिश करनी चाहिए

दिंसबर में फिर होगा सम्मेलन

इतना ही नहीं, ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि सभी ने अपनी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने पर भी सहमति जताई और 3, 4 और 5 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान में दोबारा मिलने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी ने स्वीकार भी किया. सम्मेलन में शामिल सभी देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने SIR पर गहन चर्चा की और इसके हर पहलू पर बात की, जिसके बाद ऐसे तरीके को अपनाने पर बल दिया गया.

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