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दवा कंपनियों की बढ़ेगी आमदनी, मोदी सरकार ने घाना से किए ये 4 समझौते, जानें किसे को मिलेगा फायदा

India and Ghana Signed 4 MoU: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जॉन महामा के साथ 4 समझौतों (MoU) पर साइन किया है। इन 4 समझौतों के जरिए दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत होंगे। साथ ही इससे भारत को भी काफी फायदा होगा। चलिए जानते हैं कैसे...

भारत और घाना के हुए 4 समझौते (X)
India and Ghana signed 4 MoUs: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय 6 देशों की 5 दिवसीय यात्रा पर हैं। इस यात्रा की शुरुआत पीएम मोदी ने घाना देश से की। पीएम मोदी 2 जुलाई 2025 को घाना की राजधानी अक्रा पहुंचे। यहां उन्होंने भारत और घाना के बीच रिश्ते को मजबूत बनाते हुए 4 समझौतों (MoU) पर साइन किया है। इन 4 समझौतों के जरिए भारत और घाना ने संस्कृति, स्वास्थ्य, व्यापार और इंडस्ट्री जैसे सेक्टर में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत किया है। भारत के पीएम मोदी और घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने डेलिगेशन लेवल पर बात की और इन समझौतों पर साइन किया है।

भारत और घाना के बीच हुए 4 समझौते

इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई, जिसे आर्थिक संबंधों के सचिव दामू रवि ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और घाना के बीच हुए समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्टैंडर्ड कोलैबोरेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन और संयुक्त आयोग की स्थापना शामिल है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान समझौते के तहत भारत और घाना की तरफ से एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (CEP) किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक्ट, म्यूजिक, डांस, लिटरेचर और हेरिटेज जैसे सेक्टर पर काम करना है। इससे घाना और भारत के लोगों को एक-दूसरे देश की संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।

घाना ने कृषि के क्षेत्र में मांगा भारत का साथ

सचिव दम्मू रवि ने बताया कि पीएम मोदी ने घाना को कृषि के क्षेत्र में समर्थन देने पर सहमति दी है। दरअसल, चर्चा के दौरान घाना के राष्ट्रपति महामा ने खुलकर कृषि के क्षेत्र में भारत का सहयोग मांगा है। इस मामले में घाना को समर्थन देने पर पीएम मोदी ने सहमति जताई है। इससे भारत की कृषि कंपनियों को घाना में अपना बिजनेस बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे घाना कृषि के क्षेत्र में मजबूत होगा और भारत आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होगा।

दोनों देशों के बीच फार्मास्यूटिकल्स सहयोग

इसके साथ ही दोनों नेताओं ने फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस चर्चा का फोकस भारत में बनने वाली वैक्सीन प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाना था। इस दौरान राष्ट्रपति महामा ने घाना को वैक्सीन का सेंटर बनाने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने ग्लोबल वैक्सीन अलायंस के सहयोग से काफी हद तक काम पहले ही पूरा कर लिया है, लेकिन अब वह चाहते हैं कि भारतीय उद्यमी घाना में फार्मा और वैक्सीन सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करें। इसके लिए उन्होंने भारतीय उद्यमियों को आमंत्रित किया है। इस समझौते से भारत की फार्मास्यूटिकल्स कंपनियों का विस्तार होगा, जिससे भारत को आर्थिक लाभ होगा। यह भी पढ़ें: घाना में सोना भारत से कितना सस्ता? जानें दोनों देश एक-दूसरे को क्या बेचते हैं?

क्या है चौथा समझौता?

वहीं, भारत और घाना के बीच चौथा समझौता संयुक्त आयोग की बैठक से जुड़ा है। इसका उद्देश्य हाई-लेवल मीटिंग को इंडस्ट्रियल बनाना और द्विपक्षीय सहयोग तंत्र (bilateral cooperation mechanisms) की नियमित समीक्षा करना है। इससे भारत को कई तरह से फायदा होगा।


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