हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

मद्रास HC ने कौनसे केस में दी पैगंबर मोहम्मद की सीख का हवाला, मदुरै नगर निगम को लगाई फटकार

कोर्ट एक पूर्व वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. वकील ने दावा किया था कि नगर निगम ने उन्हें 13.05 लाख रुपये की बकाया राशि नहीं चुकाई.

विज्ञापन

पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं का हवाला देते हुए, मद्रास हाईकोर्ट एक ऐसे वकील की मदद के लिए आगे आया है, जो एक नगर निगम से अपनी बकाया कानूनी फीस वसूलने के लिए संघर्ष कर रहा है. कोर्ट ने कहा कि निष्पक्षता का सिद्धांत श्रम और सेवा कानून पर समान रूप से लागू होना चाहिए. जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने पैगंबर की शिक्षा – ‘मजदूर को उसका पसीना सूखने से पहले भुगतान करें’ –  का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह सिद्धांत निष्पक्षता का ही एक हिस्सा है और श्रम कानून में पूरी तरह लागू होने योग्य है.’

क्या है मामला?

कोर्ट एक पूर्व वकील, पी. थिरुमलाई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. वकील ने दावा किया था कि नगर निगम ने उन्हें 13.05 लाख रुपये की बकाया राशि नहीं चुकाई. इससे पहले, हाईकोर्ट ने निगम को वकील की अर्जी पर विचार करने को कहा था, जिसके बाद निगम ने दावे के एक बड़े हिस्से को खारिज कर दिया था. इसी वजह से यह नई याचिका दायर की गई.

हाईकोर्ट ने पूर्व वकील को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के पास जाने को कहा. साथ ही प्राधिकरण को उन केसों की लिस्ट सौंपने का निर्देश दिया, जिनमें वह पेश हुए थे. 

विज्ञापन

कोर्ट ने निगम को निर्देश दिया कि वह दो महीने के भीतर बिना ब्याज के फीस के बिलों का निपटारा करे। ब्याज न देने का कारण यह बताया गया कि याचिकाकर्ता ने 18 साल की देरी के बाद अपनी आवाज उठाई थी.

जस्टिस स्वामीनाथन ने इसे “शर्मिंदगी की बात” बताया कि राज्य में करीब एक दर्जन ‘अतिरिक्त महाधिवक्ता’ हैं। उन्होंने कहा कि जब बहुत ज्यादा कानून अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं, तो हर किसी को काम देना पड़ता है। नतीजा यह होता है कि उन्हें ऐसे मामले भी सौंप दिए जाते हैं जिनमें उनकी जरूरत ही नहीं होती।

विज्ञापन

उन्होंने यह भी कहा कि जब कोर्ट में केस पुकारा जाता है, तो सरकारी वकील यह कहकर सुनवाई टालने की मांग करते हैं कि ‘अतिरिक्त महाधिवक्ता’ कहीं और व्यस्त हैं। जज ने उम्मीद जताई कि 2026 से ऐसी प्रथाएं बंद होंगी।

साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह वरिष्ठ वकीलों और कानून अधिकारियों को दी जाने वाली फीस की जांच तो नहीं कर सकती, लेकिन “अच्छे शासन” के लिए जरूरी है कि सरकारी खजाने का पैसा सोच-समझकर खर्च किया जाए, न कि कुछ पसंदीदा लोगों को मनमाने ढंग से बांटा जाए।

विज्ञापन

थिरुमलाई के दावे को उनकी मेहनत के मुकाबले “बहुत मामूली” बताते हुए कोर्ट ने चिंता जताई कि कुछ कानून अधिकारियों और वरिष्ठ वकीलों को सरकारी संस्थानों द्वारा ‘बहुत ज्यादा’ पैसा दिया जा रहा है.

कहानी प्वाइंटर्स में

  • पी. थिरुमलाई 1992 से 2006 तक (14 साल से अधिक) मदुरै नगर निगम के वकील थे.
  • उन्होंने जिला अदालतों में लगभग 818 केसों में निगम का पक्ष रखा था.
  • वकील की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि वह रिकॉर्ड निकालने के लिए कोई क्लर्क रख सकें, इसलिए कोर्ट ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को खुद रिकॉर्ड इकट्ठा करने का आदेश दिया.
  • इसका जो भी खर्च आएगा, वह निगम उठाएगा और बाद में वकील के अंतिम भुगतान से काट लिया जाएगा.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola