महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर अपना शिकंजा कसते हुए करोड़ों की संपत्ति जब्त की है. रायपुर जोनल ऑफिस द्वारा की गई इस ताजा कार्रवाई में करीब 21.45 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है. ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है, जिससे सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है. इस कार्रवाई में भारत के साथ-साथ दुबई में स्थित लग्जरी अपार्टमेंट्स, दुकानें और कीमती जमीनें शामिल हैं, जो अवैध कमाई से बनाई गई थीं.
प्रमुख आरोपियों की संपत्तियों पर चला सरकारी डंडा
इस अटैचमेंट ऑर्डर में महादेव बुक के मुख्य प्रमोटर रवि उप्पल सहित कई बड़े नाम शामिल हैं. फरार चल रहे रवि उप्पल की दुबई स्थित करीब 6.75 करोड़ रुपये की संपत्ति को कब्जे में लिया गया है. इसके अलावा सौरभ चंद्राकर के करीबी रजत कुमार सिंह, सौरभ आहूजा और विशाल रमानी की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं, जिन्होंने सैकड़ों पैनल चलाकर करोड़ों की अवैध कमाई की थी. विनय कुमार और हनी सिंह जैसे पैनल संचालकों की जयपुर और दिल्ली के मकानों के साथ-साथ उनकी महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियां भी अब सरकारी नियंत्रण में हैं.
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दुबई से फैला था सट्टेबाजी का मकड़जाल
ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी का यह पूरा नेटवर्क दुबई से बैठकर चलाया जा रहा था. सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल टाइगर एक्सचेंज और गोल्ड365 जैसे डोमेन के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टा खिलाते थे. इस धंधे में होने वाले मुनाफे का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा मुख्य प्रमोटर्स अपने पास रखते थे. काले धन को सफेद करने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए हजारों फर्जी या 'म्यूल' बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था, जो आम लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर खोले गए थे.
अब तक की कार्रवाई और जांच का दायरा
महादेव सट्टेबाजी मामले में ईडी अब तक 175 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर चुकी है और कुल 2621 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है. इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 74 अलग-अलग संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है. एजेंसी अब तक 5 प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है और जांच अब भी जारी है. ईडी के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.