एक भारतीय कप्तान के नेतृत्व में क्रूड ऑयल का एक टैंकर युद्धग्रस्त होर्मुज स्ट्रेट को पार कर मुंबई पहुंच गया. लाइबेरिया के ध्वज वाला टैंकर 'शेनलोंग सुएजमैक्स' बुधवार को मुंबई पोर्ट पहुंचा. यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से क्रूड ऑयल लेकर आ रहा था. जहाज पर 135,335 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल था. खाड़ी में जारी संघर्ष के बीच हाई रिस्क वाले क्षेत्र को पार करते समय इस टैंकर ने 'डार्क मोड' में जाने के लिए अपना ट्रैकिंग सिस्टम थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया था.

9 मार्च को आखिरी सिग्नल

टैंकर ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में 'शेनलोंग सुएजमैक्स' का आखिरी रिकॉर्डेड सिग्नल 9 मार्च को दिखाई दिया था. इसके बाद स्ट्रेट से गुजरते वक्त इसने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) कुछ समय के लिए बंद कर दिया. बुधवार को मुंबई में डॉक करने से एक दिन पहले यह जहाज ट्रैकिंग सिस्टम पर फिर से दिखाई दिया.

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इंडिया टुडे ने टैंकरट्रैकर.कॉम के हवाले से लिखा है, दो बहुत बड़े क्रूड ऑयल टैंकर (VLCCs), तीन सुएजमैक्स टैंकर और एक पनामाक्स टैंकर कम से कम 48 घंटों से AIS ट्रैकिंग से ऑफलाइन हैं. इन जहाजों को चीन, भारत और जापान जाना है.

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क्या है AIS सिस्टम?

ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) का इस्तेमाल जहाजों पर अन्य जहाजों और तटीय अधिकारियों को जहाज की पहचान, पोजिशन, और मूवमेंट के बारे में जानकारी देने के लिए किया जाता है. इसका मुख्य मकसद नेविगेशन सुरक्षा बढ़ाना और टक्कर होने से रोकना है. सिस्टम बंद करने से जहाज समुद्र में प्रभावी रूप से 'ट्रेस' नहीं किया जा सकता.

बता दें, जब से अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया है. ईरानी सेना ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. यह एक प्रमुख समुद्री मार्ग है. यहां से रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल से ज्यादा क्रू़ड ऑयल सप्लाई होता है. यह ग्लोबल ऑयल कंजम्पशन का करीब पांचवां हिस्सा है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक ईरान कम से कम 16 जहाजों पर हमला कर चुका है. भारत सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज चल रहे हैं. बुधवार को, गुजरात आ रहे एक थाई जहाज पर हमला कर दिया गया.