GST Reforms 2025: गुड्स एंड सर्विस टैक्स में किया गया सुधार 22 सितंबर से लागू होने वाला है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए इसे ‘बचत उत्सव’ कहा है. आने वाले समय में कई त्योहार हैं, जिसमें लोग बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं. नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली समेत कई त्योहार आने ही वाले हैं. इससे पहले GST में बदलाव लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है. हालांकि हमें यह भी समझना बेहद जरूरी है कि आखिर GST में क्या बदलाव किया गया है, क्या-क्या सस्ता होने वाला है और किसके लिए आपको अब जेब ढीली करनी पड़ सकती है.
केंद्र सरकार के नेतृत्व में जीएसटी परिषद की 3 सितंबर 2025 को 56वीं बैठक हुई है. इस बैठक के बाद GST में बदलाव का फैसला लिया गया. यह बदलाव 22 सितंबर से लागू हो रहा है. नई GST के तहत देश में बेची जाने वाली वस्तुएं अब 5% या 18% टैक्स की श्रेणी में आ गई हैं. इससे पहले GST के लिए चार स्लैब बनाए गए थे, जिसमें 5%, 12%, 18% और 28% GST लगाया गया था.
अब 5% स्लैब में सिर्फ आवश्यक वस्तुओं को रखा गया है, जिसमें दूध, दही, पानी आदि चीजें शामिल हैं. वहीं 18% स्लैब में लग्जरी चीजों को रखा गया है. 40% स्लैब में तंबाकू, शराब, सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग को रखा गया है. GST परिषद के इस फैसले से आवश्यक वस्तुओं की कीमत में कमी आने वाली है लेकिन कुछ चीजें महंगी भी होने वाली हैं.
क्या-क्या हो रहा सस्ता?
रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली चीजों, घरेलू उत्पादों पर पहले 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब इनमें से कई चीजें 5% वाले स्लैब में आ गई हैं. इससे टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, बिस्कुट, स्नैक्स और जूस जैसे पैकेज्ड खाने की चीजें, दूध से बनी चीजें, साइकिलें और स्टेशनरी सस्ती हो सकती हैं. इसके साथ ही एक निश्चित दाम से नीचे कपड़े और जूते भी मिलेंगे. इनके दाम भी घटने वाले हैं.
वहीं कुछ वस्तुओं पर 28% टैक्स लगता था, जिन्हें घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इस श्रेणी में हुए बदलाव से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते होने वाले हैं. अब इनकी कीमत में 7 से 8 प्रतिशत की कमी आएगी. इसमें एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, डिशवॉशर, बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजन, सीमेंट आदि की कीमत में कमी आने वाली है.
इसके साथ ही छोटी कारों (1,200 सीसी से कम इंजन वाली) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है. इससे कार की कीमत में कमी आने वाली है. दो पहिया वाहन खरीदने वालों को भी राहत मिलेगी. हालांकि बड़ी लक्जरी कारों और एसयूवी खरीदने वालों से उच्च दर से टैक्स वसूला जाएगा. पुराने बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी लगता था, हालांकि नए जीएसटी को कम स्लैब में रखा गया है और कुछ मामलों में तो इसे छोड़ भी दिया गया है. ऐसे में यह लोगों के लिए राहत देने वाली बात है. यह आम लोगों और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलने वाला है.
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क्या-क्या होगा महंगा?
GST 2.0 के तहत हर चीज सस्ती नहीं होगी. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 40% “पाप कर” (SIN Tax) के अंतर्गत आने वाली वस्तुएं महंगी होने वाली हैं. जो वस्तुएं महंगी होने वाली हैं, उनमें तंबाकू से जुड़े उत्पाद, शराब और पान मसाला शामिल हैं. इसके साथ ही ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म भी अब महंगे हो रहे हैं.
हालांकि पेट्रोलियम की कीमतों का असर हर वस्तु पर पड़ता है और पेट्रोलियम से जुड़े उत्पाद GST के दायरे से बाहर हैं. ऐसे में पेट्रोल, डीजल और ईंधन की कीमत में कोई कमी नहीं होने वाली है.
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