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गोमुख नहीं, तो कहां से होती है 'गंगा' की शुरुआत? 2510 KM के सफर में 5 बार बदलता है नाम

Ganga River Story: गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक महापर्व मनाया जा रहा है। तो आइए आज हम आपको गंगा नदी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं।

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Ganga River Full Story: महाकुंभ के चलते प्रयागराज के संगम पर करोड़ों श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग चुका है। प्रयाग को तीर्थों को राजा कहा जाता है। इसी जगह पर मोक्षदायिनी गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के साथ मिलकर त्रिवेणी संगम बनाती है। मगर क्या आप जानते हैं कि गंगा नदी की शुरुआत कहां से होती है? गंगा नदी की कितनी पुरानी है और 2510 किलोमीटर का सफर करने वाली गंगा क्यों इतनी खास है?

कहां से हुई गंगा की शुरुआत?

कई लोगों को लगता है कि गंगा नदी उत्तराखंड में स्थित गोमुख से निकलती है। मगर वास्तव में ऐसा बिल्कुल नहीं है। गोमुख से एक पतली सी धारा निकलती है, जिसे भागीरथी नदी कहा जाता है। उत्तराखंड के चार धामों में से एक गंगोत्री भी भागीरथी नदी के किनारे मौजूद है। अब सवाल यह है कि अगर गंगा गोमुख से नहीं निकलती तो कहां से आती है? इसका उत्तर है देवप्रयाग। जी हां, देवप्रयाग उत्तराखंड के 5 प्रयागों का आखिरी प्रयाग है। इसी जगह पर भागीरथी और अलखनंदा नदी का संगम होता है, जिसे गंगा कहा जाता है। यहीं से गंगा का सफल शुरू होता है।

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गंगा का जन्म कब हुआ?

वैज्ञानिकों की मानें तो अब से तकरीबन 5 करोड़ साल पहले धरती के नीचे मौजूद यूरेशियन प्लेट और इंडियन प्लेट की टक्कर हुई थी। इसी टकराव से हिमालय पर्वत की उत्पत्ति हुई। हिमालय के अस्तित्व में आने के 50 लाख साल बाद गंगा का जन्म हुआ। हिमालय की नंदा देवी चोटी से अलखनंदा नदी निकली, जो बद्रीनाथ के रास्ते 5 प्रयाग बनाते हुए देवप्रयाग पहुंची। वहीं हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से भागीरथी नदी की धारा निकलना शुरू हो गई। देवप्रयाग में अलखनंदा और भागीरथी का संगम हुआ, जहां से गंगा की शुरुआत हुई।

गंगा नदी का बेसिन

गंगा नदी के पूरे सफर की बात करें तो हरिद्वार में गंगा पहाड़ों से मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है। 11 राज्यों से होते हुए गंगा नदी 2510 KM का सफर तय करके बंगाल की खाड़ी में जा गिरती है। गंगा नदी का बेसिन उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में फैला है। देश की 60 करोड़ आबादी गंगा रिवर बेसिन का हिस्सा है। वहीं देश की GDP का 40% उत्पादन गंगा रिवर बेसिन में ही होता है।

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5 बार बदलता है नाम

हरिद्वार के बाद गंगा में कई बड़ी नदियों का संगम होता है। इस लिस्ट में राम गंगा, गोमती, यमुना, घाघरा, गुंडक, कोसी और ब्रह्मपुत्रा जैसी नदियों का नाम शामिल है। वहीं 2510 KM के सफर में गंगा का नाम 5 बार बदलता है। गंगोत्री के उद्गम स्थल पर इसे ‘भागीरथी’ कहा जाता है, देवप्रयाग से यह नदी ‘गंगा’ बनकर आगे बढ़ती है। पश्चिम बंगाल में गंगा 2 धाराओं में बंटती है, कोलकाता की तरफ जाने वाली पहली धारा को ‘हुग्ली’ कहते हैं और दूसरी धारा बांग्लादेश में ‘पद्मा’ बनकर एंट्री करती है। बांग्लादेश में पद्मा और ब्रह्मपुत्रा नदी का संगम होता है, जहां से इसका नाम ‘मेघना’ पड़ जाता है।

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