G20 Sherpa Amitabh Kant: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे जी20 समिट के दौरान एक घोषणा पत्र जारी किया गया है। इसके बारे में जी20 के शेरपा अमिताभ कांत (G20 Sherpa Amitabh Kant) ने बताया कि 200 घंटों की लगातार वार्ता के बाद इस घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया गया है। भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने बताया कि रूप-यूक्रेन पर विभाजित जी20 नेताओं की एक संयुक्त विज्ञप्ति बनाई गई है। युद्ध के आर्थिक प्रभाव के बारे में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के साथ चर्चा से लेकर रूस-चीन के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें की गईं, जिस पर कल देर रात सहमति बनी।
शेरपा अमिताभ कांत ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य शेरपाओं के साथ साझेदारी में काम करना था। यह उभरते बाजारों का एक संयुक्त प्रयास था, जिसका नेतृत्व भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और बाद में मैक्सिको, तुर्की और सऊदी अरब ने किया। इस काम के लिए जी7 देशों को भी एक मंच पर लाया गया है।
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नौ महीने से जारी है रूस यूक्रेन युद्ध
उन्होंने बताया कि करीब 200 घंटों तक लगातार बातचीत हुई। मुद्दा उठा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से हम एक साल से ज्यादा सममय से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मैंने 15 बुनियादी सिद्धांतों को लिखा, जिनका हमें पालन करने की आवश्यकता थी। इसके बाद सभी शेरपा इसमें शामिल हुए और अपना दृष्टिकोण दिया। काफी लंबी चर्चा के बाद इसके आधार पर हमने पहला मसौदा तैयार किया। किसी को उम्मीद नहीं थी कि हम आम सहमति पर पहुंचेंगे।
शेरपा ने कहा कि पहले मसौदे पर कई प्रतिक्रियाएं सामने आईं। लोगों को निराशा थी कि हम रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर आम सहमति तक नहीं पहुंच सकते हैं, क्योंकि दुनिया भर के बहुपक्षीय मंच ऐसा करने में सफल नहीं रहे हैं। अमिताभ कांत ने बताया कि चर्चा के साथ हम हम पहले, दूसरे और तीसरे मसौदे पर पहुंचे, जिसके बाद हर देश के साथ द्विपक्षीय बैठकों से मदद मिली।
रूस और चीन के साथ भी हुई बात
उन्होंने कहा कि हमारी चिंता यह थी कि विकास के मुद्दे, युद्ध के मुद्दों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अंततः हमने जी7 देशों, फिर रूस और चीन के साथ बातचीत की। कल रात ही हमने अंतिम मसौदा पेश किया है। हालांकि, अभी भी आपदा की संभावना थी, लेकिन आखिरी मिनट में असहमति का मतलब होगा कि 2023 नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन पहली जी20 बैठक बन जाएगी, जिसमें पूरी तरह से सर्वसम्मत घोषणा नहीं होगी।
भारत के शेरपा ने बताया कि इस चर्चा को हम आखिरी क्षण तक ले गए। अंतिम शेरपा बैठक में उन्होंने कहा कि यह अंतिम मसौदा है। या तो आप इसे ले लें या फिर इसे रद्द कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई आपत्ति है तो आपके नेता मेरे नेता (पीएम मोदी) से बात कर सकते हैं। इसलिए, मैंने उस समय पीएम पर दबाव डाला।
आज सभी देश सहमत हैं
उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्य शेरपाओं को बताया गया कि पीएम मोदी ने उनसे कहा था कि यह एकदम सही मसौदा है, जो हर देश की चिंता का विषय है। उनसे कहा कि यह महत्वपूर्ण है। हमारे पास एक विभाजित पैराग्राफ या फुटनोट नहीं होगा। हमारे पास केवल आम सहमति होगी। अमिताभ कांत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा ही हुआ और आज सभी देश सहमत हो गए।
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