Balasore Train Tragedy: ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद विपक्ष रेल मंत्री अश्विवनी वैष्णव का इस्तीफा मांग रहा है। इस बीच मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा ने अश्विनी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वैष्णव अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहे हैं। उनका इस्तीफा मांगना बुद्धिमान नहीं है।
देवगौड़ा ने कहा कि रेल मंत्री हादसे के बाद ग्राउंड जीरो पर डटे रहे। 55 घंटे लगातार काम करते हुए रेलवे को बहाल कराया। सीबीआई जांच की बात अलग मुद्दा है। उस मैं कोई भी टिप्पणी नहीं करूंगा। मेरा मानना है कि राजनीति से प्रेरित होकर हमले नहीं करना चाहिए। जांच पूरी होने दीजिए। मंत्री अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। ऐसे स्तर पर उनका इस्तीफा मांगना बेवकूफी होगी।
ममता ने सदी का सबसे बड़ा हादसा करार दिया
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बालासोर ट्रेन हादसे को सदी की सबसे बड़ी दुर्घटना बताया और हादसे के पीछे टक्कर रोधी प्रणाली कवच के अभाव की जांच की मांग की। कहा कि यदि ट्रेन में एंटी कोलिशन सिस्टम लगा होता तो यह हादसा न होता।
विपक्षी दलों ने की रेल मंत्री, सरकार की आलोचना
वैष्णव के इस्तीफे की मांग करने के अलावा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कहा कि भारतीय रेलवे की स्थिति बदहाल है। बुनियादी ढांचा बिगड़ चुका है। बावजूद इसके पीएम मोदी भ्रम फैला रहे हैं। उन्हें हादसे की जिम्मेदार लेनी चाहिए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जब वे रेल मंत्री थे तो बंगाल के गैसल में एक दुर्घटना के बाद इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे का मतलब नैतिक जिम्मेदारी लेना होता है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए या नहीं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वैष्णव को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने पूर्व रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के दुर्घटना के बाद इस्तीफा देने का उदाहरण दिया।