दुनियाभर में जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स को लेकर बवाल मचा हुआ है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर कई और बड़ी हस्तियों के नाम का खुलासा किया गया है. भारत में एपस्टीन फाइल्स को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक ईमेल रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एपस्टीन से सलाह ली और 2017 की इजरायल यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के फायदे के लिए 'डांस' किया. अब इस दावे पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे पूरी तरह बकवास और बेफिजूल बकवास बताया.
'ईमेल की बाकी बातें बकवास'
गौरतलब है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पीएम को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि एपस्टीन से किस मामले में सलाह ली गई? विपक्ष के इन आरोपों पर मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि, '2017 की प्रधानमंत्री की यात्रा का फैक्ट सही है, लेकिन ईमेल की बाकी बातें बकवास है. इसे तिरस्कार के साथ खारिज किया जाता है.' आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एपस्टीन, यौन शोषण का कुख्यात आरोपी था, जिसकी फाइल्स अब 30 लाख से ज्यादा पन्नों में सार्वजनिक हो चुकी हैं.
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ट्रंप और क्लिंटन के नाम
ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत जारी हुए हैं, जो सार्वजनिक दबाव के बाद बना कानून है. डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच के अनुसार, इसमें तस्वीरें, साक्षात्कार ट्रांसक्रिप्ट, कॉल लॉग और अदालती रिकॉर्ड हैं. क्रिसमस से पहले हजारों पन्ने वेबसाइट पर अपलोड किए गए, हालांकि कई पहले ही सार्वजनिक थे या एडिट कर के जारी किए गए थे. दिसंबर में शुरू हुई इस प्रक्रिया में रोके गए रिकॉर्ड भी शामिल हैं. ट्रंप और क्लिंटन पर कोई गलत कार्य का आरोप नहीं लगा, दोनों ने कहा कि उन्हें एपस्टीन के नाबालिग शोषण की जानकारी नहीं थी.