गोवा: भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को नई फिल्म नीति का ऐलान किया है। इस नीति में न सिर्फ भारत को बड़े और मीडियम बजट के इंटरनेशनल फिल्म प्रोजैक्ट्स के आकर्षण का केंद्र बनाए जाने की मंशा शामिल है, बल्कि यहां विदेशी फिल्म प्रोडक्शन में आ रही मुश्किलों को आसान करने समेत कई बातों पर जोर दिया गया है। इस नीति के अनुसार आधुनिकता को समेटे हुए एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और पोस्ट प्रोडक्शन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने की भी आस है। आइए नई फिल्म नीति की कुछ बड़ी बातों पर थोड़ा विस्तार से नजर डालते हैं।
नई फिल्म नीति में हैं ये संभावनाएं
गोवा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में सोमवार 20 नवंबर को शुरू होकर 29 नवंबर तक चलने वाले 54वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के मंच से केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि देश की सरकार नई फिल्म निर्माण नीति लाने की तैयारी में है। यह नीति दुनिया की बेहतरीन फिल्म नीतियों में से एक होगी। इस नीति का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे न केवल दक्षिण पूर्व एशिया में, बल्कि विश्व स्तर पर फिल्म बाजार की अहम भूमिका होगी।
केंद्रीय मंत्री के ऐलान पर गौर करें तो नई फिल्म नीति में विदेशी फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। पिछले साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में की गई भारतीय बाजार 30% विदेशी फिल्मों को जगह देने की पेशकश को बढ़ाते हुए 40% किया जा सकता है। इससे न सिर्फ मीडियम और बड़े बजट की विदेशी फिल्में भारतीय फिल्म बाजार की शान बढ़ाएंगी, बल्कि यहां विदेशी फिल्मों के प्रोडक्शन को आसान बनाने और इनके प्रोमोशन को प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया को बल मिलेगा।
भारतीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से साझा की गई जानकारी के मुताबिक नई फिल्म नीति के अस्तित्व में आ जाने के बाद पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस फिल्म निर्माण उद्योग में रोजगार सृजन इससे जुड़े लोगों को आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। इस पहल से आधुनिकता को समेटे हुए एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) के अलावा पोस्ट प्रोडक्शन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने की पूरी-पूरी आस है।
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जिस मंच से अनुराग ठाकुर ने नई फिल्म नीति के कई अहम पहलुओं को शेयर किया है, वहां 75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो (CMOT) के सहभागियों को प्रमाण-पत्र देते हुए उन्होंने विजेताओं के लिए 48 आवर फिल्म चैलेंज की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटीविटी लाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, उत्कृष्ट कलाकारों को संरक्षण देने के लिए भारत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।