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Farmers Protest: हरियाणा सरकार ने 'रासुका' वापस लिया, किसान निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च, 7 पॉइंट्स में ताजा अपडेट्स

Farmers Protest Latest Updates: किसान आंदोलन के बीच चंडीगढ़ में अहम बैठक हुई, जिसमें किसानों ने 3 बड़े फैसले लिए। सरकार ने भी किसानों पर रासुका लगा दिया है। वहीं किसान शुभकरण सिंह की मौत का मुआवजा मांग रहे हैं। हरियाणा सरकार के खिलाफ केस दर्ज करने की भी मांग हैं। आइए जानते हैं आंदोलन से जुड़े बड़े अपडेट्स…

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शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे किसान।

Farmers Protest Latest Updates: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद की गारंटी मांग रहे किसानों का धरना 10 दिन से जारी है। सरकार से 4 दौर की बातचीत फेल हो चुकी है। 2 बार हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर किसानों का पुलिस से टकराव हो चुका है।

21 फरवरी को किसानों ने दिल्ली चलो मार्च का ऐलान करते हुए दिल्ली कूच करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से हुए टकराव में एक किसान की मौत हो गई। सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान घायल हुए। यह देखते हुए किसानों ने दिल्ली कूच टाल दिया।

गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने चंडीगढ़ में किसान संगठनों की मीटिंग बुलाई, जिसमें कुछ फैसले लिए गए। पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़े अहम अपडेट्स…

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हरियाणा ने रासुका लगाकर हटाया

किसान आंदोलन से जुड़े हरियाणा के किसान नेताओं पर सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), यानी रासुका लगा दिया था, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक यूटर्न लेते हुए फैसला वापस ले लिया। अंबाला के IG सिबास कबिराज ने कहा कि गुरुवार को किसानों पर रासुका लगाने का आदेश हुआ था, जिस पर दोबारा से विचार किया गया और फैसला तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया।

बता दें कि हरियाणा सरकार ने गुरुवार को आदेश दिया था कि आंदोलन कर रहे किसानों पर रासुका लगाकर किसान आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए। इसके लिए किसानों के बैंक खाते सीज किए जाएं। उनकी संपत्तियों की कुर्की की जाए। किसान नेताओं और पदाधिकारियों को नजरबंद करने की योजना भी सरकार की है।

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पंजाब सरकार देगी शुभकरण को मुआवजा

पंजाब सरकार ने किसानों के समर्थन में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों और पुलिस के साथ हुए टकराव में मारे गए किसान शुभकरण सिंह के परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा देने की घोषणा की है। राज्य की AAP सरकार उसकी बहन को नौकरी भी देगी।

आज किसानों ने काला दिवस मनाया

गुरुवार को चंडीगढ़ में SKM के नेतृत्व में किसान संगठनों की अहम बैठक हुई। इसमें ऐलान किया गया किया कि किसान काला दिवस मनाकर सरकार का विरोध जताएंगे। इसलिए आज 23 फरवरी को किसानों ने काला दिवस मनाया, जिसे आक्रोश दिवस नाम दिया गया है। इसके बाद 26 फरवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत बुलाई गई है। इससे पहले आज शुक्रवार को दिल्ली चलो मार्च पर फैसला लिया जाएगा।

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एक करोड़ मुआवजे और FIR की मांग

21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर पुलिस से हुए टकराव में किसान शुभकरण सिंह की मौत होने से किसान आक्रोशित हैं। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज के खिलाफ मर्डर केस दर्ज करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि शुभकरण सिंह की हत्या की न्यायिक जांच कराई जाए। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।

सरकार-किसान दोनों बातचीत को तैयार

किसानों की मांगों और किसान आंदोलन पर बात करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है। किसानों से 4 बैठकें हुईं, जिनमें बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। मोदी सरकार किसनों का भला करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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बातचीत करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा। वहीं किसानों ने कहा कि सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन अब सरकार पहले शुभकरण की मौत का मुआवजा और न्यायिक जांच की मांग पूरी करे।

 

दिल्ली बॉर्डर सील, पुलिस भी आई अलर्ट पर

दूसरी ओर किसानों के आक्रोश को देखते हुए दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है। 12 फरवरी से ही दिल्ली के तीनों बॉर्डर टिकरी, गाजीपुर और सिंघु सील हैं। कई-कई लेयर्स की बैरिकेडिंग तीनों बॉर्डर पर है। हथियार, आंसू गैस, वाटर कैनन आदि सभी इंतजाम करके दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तीनों बॉर्डर पर तैनात है। दिल्ली पुलिस को निर्देश हैं कि किसी भी हालत में किसानों को दिल्ली में घुसने न दिया जाए।

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केंद्र सरकार ने ब्लॉक कराए X अकाउंट

किसानों के खिलाफ एक्शन लेते हुए केंद्र सरकार ने सोशल नेटवर्किंग साइट X से बात करके किसान नेताओं के X अकाउंट ब्लॉक करा दिए हैं। गृह मंत्रालय ने इसके लिए IT मंत्रालय से अनुरोध किया था, जिसे गंभीरता से लेते हुए IT मंत्रालय ने 150 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन लिंक ब्लॉक करा दिए।

वहीं X की ओर से कहा गया कि हम किसान नेताओं के X अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले से असहमत हैं, लेकिन सरकार की बात मानते हुए हमें यह करना पड़ा। भारत में अभिव्यक्ति की आजादी है और X सिर्फ एक मंच है।

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सरवन सिंह पंढेर ने सरकार पर आरोप लगाए

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मीडिया से बात करते हुए हरियाणा और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पुलिस ने किसानों पर जानलेवा हमला किया। गोलियां चलाई, पथराव किया। हमारे ट्रैक्टर और ट्रक तोड़ दिए। लंगर बंद करा दिए। पुलिस ने किस तरह किसानों पर कहर बरपाया, इसके सबूत हमारे पास हैं। हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। हम सिर्फ दिल्ली जाकर सरकार से बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन किसानों को राजधानी में घुसने नहीं दिया जा रहा, यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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