वर्ष 2024 होगा अधिक गर्म
वहीं, नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम (NASA) के वैज्ञानिक गेविन शिमिट पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि 2024 में हालात और बिगड़ सकते हैं। शिमिट के मुताबिक, अल नीनो प्रभाव अभी उभरा है और इस साल (2023) के अंत तक यह चरम पर होगा। अल नीनो के प्रभाव से ही 2024 के और अधिक गर्म रहने की आशंका है।भारत पर राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है अल नीनो
ऐसे में यह स्पष्ट है कि अप्रैल और मई 2024 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले अल नीनो अब भारत में एक प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक जोखिम के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इक्वाडोर और पेरू की ओर मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के पानी के असामान्य रूप से गर्म होने का प्रभाव पहले से ही महसूस होने लगा है। दरअसल, इसे आम तौर पर भारत में बारिश को दबाने के लिए जाना जाता है।कृषि क्षेत्र पर प्रभाव पड़ना तय
हालात यही रहे तो अगले साल भारत को कृषि क्षेत्र में खासा नुकसान हो सकता है। बताया जा रहा है कि अगस्त में अब तक पूरे देश में सामान्य से 30.7 प्रतिशत कम (यानी एक निश्चित अंतराल के लिए ऐतिहासिक लंबी अवधि का औसत) बारिश दर्ज की गई है। परिणामस्वरूप दक्षिण पश्चिम मानसून सीज़न (जून-सितंबर) के पहले दो महीनों के दौरान कुल 4.2 प्रतिशत अधिशेष 27 अगस्त तक संचयी 7.6 प्रतिशत घाटे में बदल गया है।---विज्ञापन---