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PM मोदी का राम मंदिर के गर्भगृह में जाना शास्त्रानुसार सही है या नहीं? शंकराचार्य ने क्या जवाब दिया

PM Modi Ram Temple Shankaracharya Interview: शंकराचार्य ने यह भी बताया कि पीएम मोदी का गर्भगृह में जाना शास्त्र अनुसार सही है या नहीं।

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती
PM Modi Ram Temple Shankaracharya Interview: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है। मंदिर के उद्घाटन को लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल है। राजनेताओं से लेकर साधु- संत और आम जनता तक हर कोई इस खास दिन का इंतजार कर रहे हैं। कई जगह से तो लोग पहले ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उद्घाटन पीएम मोदी के हाथों होगा। ऐसे में इस बीच द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने बताया कि शास्त्रानुसार पीएम मोदी का राम मंदिर के गर्भगृह में जाना सही है या नहीं।

गर्भगृह में पीएम मोदी का जाना सही है या नहीं

शंकराचार्य से पूछा गया कि क्या पीएम मोदी का गर्भगृह में जाना शास्त्र अनुसार सही है या नहीं। इस पर उन्होंने कहा कि यह काशी के ब्राह्मण करा रहे हैं पीएम जाएंगे सब जाएंगे, सोमनाथ की प्रण प्रतिष्ठा पर डॉ राजेंद्र प्रसाद जी गए थे, सरदार बल्लभ भाई पटेल भी गए थे, तो कोई निषेध नहीं है कि हमारा राजा नहीं जा सकता।

समारोह में शामिल नहीं होंगे शंकराचार्य 

न्यूज 24 की टीम ने जब शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती से पूछा कि क्या उन्हें निमंत्रण मिला है और क्या वह इस समारोह में शामिल होंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए शंकराचार्य ने बताया कि उन्हें राम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की तरफ से समारोह का निमंत्रण मिला है। हालांकि, किसी कारण की वजह से वह प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वह इससे बहुत ही प्रसन्न है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए सभी को शुभकामनाएं दी। यह भी पढ़ें: Ram Mandir: घर-घर पहुंचाया जा रहा राम मंदिर का प्रसाद? Fake या रियल जानिए

चारों मठों के शंकराचार्य में मतभेद

वहीं शंकराचार्य ने इस अवसर पर हो रही है राजनीति के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि धर्म के अनुसार राजनीति चलनी चाहिए। चारों मठों के शंकराचार्य में मतभेद है, शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वो नहीं जाएंगे, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कहते हें कि अधूरा मंदिर है चबूतरा पूरा बना नहीं, इसलिए शास्त्रों के अनुसार ये समय सही नहीं है? चारों शंकराचार्य में न मतभेद हैं न मनभेद, रही बात तारीख की तो अब इस पर बात करने का समय नहीं बचा है सभी कार्य शुरु हो गए हैं। ऐसे में अब इस पर चर्चा करने का कोई फायदा नहीं, इसमे विघ्न पैदा नहीं होना चाहिए।


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