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अलर्ट! ट्रैफिक चालान या टोल टैक्स नहीं भरा तो नेशनल हाईवे पर ड्राइविंग भूल जाएं, क्या है सरकार का नया नियम?

Driving Rules News: केंद्र सरकार हादसों पर रोक लगाने के लिए ड्राइविंग के नियमों को लेकर सख्ती बरतने की तैयारी में है, जिसके लिए बजट सत्र में बड़ा प्रस्ताव पेश किया जाएगा. अगर सत्र में प्रस्ताव पास हो गया तो लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों को नुकसान उठाना पड़ेगा.

केंद्र सरकार हादसे रोकने के लिए ड्राइविंग को लेकर सख्ती बरत रही है.

New Driving Rule: देशभर में नेशनल हाईवे पर ड्राइविंग का एक नियम बदलने वाला है. केंद्र सरकार मोटर व्हीकल एक्ट (MVA) में संशोधन करने की तैयारी कर रही है. अगर संशोधन प्रस्ताव पास हुआ तो एक बड़ा बदलाव लागू होगा, जो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों के लिए बड़ा झटका साबित होगा, क्योंकि प्रस्ताव पास होने के बाद ट्रैफिक चालान या टोल टैक्स नहीं भरने पर नेशनल हाईवे पर ड्राइविंग करने की परमिशन नहीं मिलेगी.

बजट सत्र में पेश किया जाएगा प्रस्ताव

बता दें कि ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है. ई-चालान या टोल टैक्स नहीं भरा है तो जल्द से जल्द भर दें, क्योंकि केंद्र सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे बजट सत्र में पेश किया जाएगा. केंद्र सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. अगर प्रस्ताव सहमति से पारित हो जाता है तो ट्रैफिक नियम तोड़ने और चालान नहीं भरने पर हाईवे पर ड्राइविंग करने पर रोक लगाई जाएगी और चालान भी भरना होगा.

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ड्राइविंग करने का तरीका भी बदलेगा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सूत्रों के अनुसार, मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में संशोधन के बाद टोल प्लाजा पर अगर कोई ड्राइवर टोल टैक्स देने से बचेगा या टोल देने में आनाकानी करेगा तो उसके खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार प्रवर्तन एजेंसियों को मिल जाएगा. देश में करीब 45428 किलोमीटर लंबा टोल रोड नेटवर्क है, जिस पर नियमों के अनुसार दायरे में रहते हुए ड्राइविंग करने की आदत भी लोगों में पड़ेगी.

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सरकार क्यों करना चाहती है संशोधन?

बता दें कि ड्र्राइविंग का नियम बदलने का सरकार का मकसद सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है. सरकारी आंकड़े कहते हैं कि देश में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या दुनिया में सबसे जयादा है, इसलिए अनुशासन में ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना इस बदलाव का बड़ा मकसद है. वहीं साल 2015 से 2025 के बीच करीब 40 करोड़ ई-चालान जारी हुए, जिसके तहत 61000 करोड़ की वसूली होनी, लेकिन अब तक सिर्फ एक-तिहाई ई-चालान ही वसूले जा सके हैं.

ऐसे में लोगों से ई-चालान की वसूली के लिए भी नियम बदला जा रहा है. संशोधन के तहत, अगर कोई बार-बार ट्रैफिक रूल्स तोड़ेगा तो जब उसका ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू के लिए आएगा तो बैकग्राउंड चके करके ही कार्रवाई की जाएगी. ई-चालान या टोल टैक्स बकाया होने पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं होगा, इसके लिए देशभर में एक सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है.


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