Go First: दिवालिया होने की कगार पर पहुंची Go First एयरलाइन कंपनी को विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने ने बड़ी राहत दी है। कुछ शर्तों के साथ कंपनी को फिर से ऑपरेशन शुरू करने की मंजूरी दी है। डीजीसीए ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) के समक्ष रिट याचिकाओं के नतीजे नहीं आए हैं। जब तक नतीजे नहीं आते हैं तक तक के लिए प्रस्तावित बहाली योजना को मंजूरी दी गई है।
डीजीसीए ने कहा कि गो फर्स्ट को इस शर्त पर उड़ान संचालन शुरू करने की अनुमति है कि वह एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट रखने के लिए सभी आवश्यक नियामक शर्तों को पूरा करता है। इसके अलावा, एयरलाइन को परिचालन में शामिल अपने विमानों की निरंतर उड़ानयोग्यता बरकरार रखनी होगी। यदि कंपनी में कोई बदलाव करना है तो इसकी जानकारी देनी होगी।
शुरुआत में 15 विमान भरेंगे उड़ान
आर्थिक तंगी जूझ रही गोफर्स्ट कंपनी ने 22 जुलाई तक सभी उड़ानें रद्द कर रखी हैं। डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनी से स्टॉफ का ब्योरा मांगा था। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल शैलेंद्र अजमेरा ने 15 जुलाई को जवाब दिया। बताया कि 15 विमानों के साथ परिचालन फिर से शुरू करने और 114 दैनिक उड़ानें संचालित करने की एयरलाइन की संशोधित योजना की रूपरेखा दी गई। एयरलाइन धीरे-धीरे उड़ानों की संख्या बढ़ाएगी क्योंकि वे परिचालन को स्थिर करने और अतिरिक्त पायलटों की भर्ती करेंगे।