Cyclone Montha Landfall Update: भारतीय समुद्र में बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ चक्रवाती तूफान मोन्था पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है, जिसे असर से 3 राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु में तूफानी हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से लौटने और समुद्र तटों से दूर रहने को कहा है. 30 अक्टूबर तक तूफान का असर रहेगा. न केवल उपरोक्त तीनों राज्यों, बल्कि समुद्र किनारे बसे सभी राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
क्या है तूफान की वर्तमान स्थिति?
बता दें कि गत 25 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र एक्टिव हुआ था, जो 26 अक्टूबर को डीप डिप्रेशन बन गया और 27 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान बनकर आगे बढ़ेगा. 28 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान अपने चरम पर होगा और शाम या रात को आंध्र प्रदेश के समुद्र तट पर काकीनाडा से टकरा सकता है, जिसके बाद भारी बारिश हो सकती है और 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं.
बीती शाम तूफान विशाखापत्तनम से 420 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था और फिर तूफान 10 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. तूफान के असर से तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के समुद्र तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है और 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रहीं हैं. यहां से चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ेगा, फिर आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास मचिलीपट्नम और कलिंगापट्नम के बीच लैंडफॉल करेगा.
इन राज्यों में रहेगा तूफान का असर
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों श्रीकाकुलम, विजयनगरम, काकीनाडा आदि में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. क्योंकि तूफान के असर से 20 से 30 सेंटीमीटर भारी बारिश हो सकती है. तूफानी हवाएं चलेंगी और बाढ़ आने का खतरा है. प्रदेश के मुख्य सचिव ने हाई अलर्ट जारी करके साइक्लोन शेल्टर्स तैयार कर दिए हैं. पानी, दूध, सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और समुद्र तटीय इलाकों से लोगों को शिफ्ट कर दिया गया है. साथ ही टूरिस्टों को समुद्र के किनारे न जाने की सलाह भी दी गई है.
ओडिशा के तटीय जिलों गंजम, बालासोर, कोरापुर समेत करीब 30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और यहां तूफान के असर 15 से 25 सेंटीमीटर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसलिए ओडिशा में आपदा प्रबंधन मोड एक्टिव है और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम अलर्ट मोड पर है. साथ ही सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
तमिलनाडु के चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लुर समेत सभी समुद्र तटीय जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी हो गया है. तूफान के असर से यहां 12 से 20 सेंटीमीटर भारी बारिश हो सकती है और तूफान हवाएं चल सकती हैं. 9 बंदरगाहों को चेतावनी भरा संदेश दिया गया है, ताकि वे तूफान के आने से पहले तैयारी करके रखें. पम्बन में स्टेज वन की साइक्लोन वॉर्निंग जारी कर दी गई है और चेन्नई में भारी बारिश से निपटने की तैयारी की गई है.
तेलंगाना, रायलसीमा, छत्तीसगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है और इन राज्यों में 27 से 29 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. केरल और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट रहेगा और समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं. गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और ओडिशा के मुख्य सचिवों के साथ बैठक करके NDRF की टीमें तैनात करने के आदेश दिए हैं.
संबंधित खबरें
SC तक मार्च से पहले इंडिया ब्लॉक को बड़ा झटका, CJI ने मिलने से किया इनकार
7 hrs agoसऊदी अरब में 1 भारतीय की मौत, कई घायल, MEA ने की हूती हमलों की निंदा
8 hrs agoज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कल विपक्ष SC तक करेगा मार्च
10 hrs agoदादी के निधन पर घर जाने से इनकार? दिल्ली पुलिस के वीडियो पर दीपके का पलटवार
10 hrs agoदिल्ली में CJP के प्रदर्शन को क्यों नहीं मिली मंजूरी? DCP नेहा ने गिनाई वजह
12 hrs ago'हमने नहीं साइन किया कोई बॉन्ड...', रिहाई के बाद दीपके ने बताया अगला प्लान
12 hrs agoदिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावरबैंक से उठा धुआं, मचा हड़कंप
13 hrs agoदिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शन, सीपी से नेहा बोरा समेत 100 हिरासत में
13 hrs agoक्या प्रोटेस्ट में शामिल हो सकते हैं दीपके, सौरभ और रांका? जान लें नियम
15 hrs ago'ज्ञानेश कुमार को बचा रही सरकार...', CJP ने केंद्र पर लगाए आरोप
15 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines