Rahul Gandhi को जातिगत जनगणना से विधानसभा चुनाव में कितना फायदा?
Author: Rakesh Choudhary
Aug 26, 2024 12:53 PM IST
Rahul Gandhi Demand Caste Census: देश में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं के बयान लगातार सियासत गरमा रहे हैं। इस बीच राहुल गांधी ने दो रोज पहले प्रयागराज में एक सम्मलेन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने मोदी सरकार से जातिगत जनगणना को लेकर कई सवाल किए। इस पूरे मामले पर न्यूज 24 के वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2011 में कराया गया था लेकिन उसके आंकड़े आज तक जारी नहीं किए गए हैं। इसके अलावा जिन राज्यों में जातिगत जनगणना हुई है उनमें से कुछ राज्यों में अभी आंकड़े सार्वजनिक नहीं हुए है जैसे कि कर्नाटक।
राजीव रंजन ने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर राहुल गांधी अब सवाल उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र में वर्षों तक उनकी पार्टी की सरकार रही पहले इस तरह की मांग क्यों नहीं उठी? या जनगणना क्यों नहीं करवाई गई? इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अभी कांग्रेस की सरकारें हैं। पहले इन राज्यों में जनगणना कराई जानी चाहिए।
बिहार में जातीय जनगणना का कोई नतीजा नहीं निकला
न्यूज 24 के वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना कराई गई थी इसके बाद क्या हुआ? नीतीश सरकार ने आरक्षण में बड़ा फेरबदल कर दिया, लेकिन नतीजा वहीं हुआ पहले पटना हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाई और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी। कुल मिलाकर जातीय जनगणना कराने का कोई नतीजा नहीं निकला।
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2009 में गोपीनाथ मुंडे ने की थी मांग
राजीव रंजन ने कहा कि 2009 में महाराष्ट्र बीजेपी के बड़े नेता गोपीनाथ मुंडे ने लोकसभा में तत्कालीन मनमोहन सरकार से जातीय जनगणना करवाने की मांग की थी लेकिन तत्कालीन मनमोहन सरकार ने इसमें कई पेचीदगियां गिनाते हुए जातीय जनगणना कराने से इंकार कर दिया था। हालांकि मोदी सरकार 2021 में कोरोना की वजह से जनगणना नहीं करा पाई थी लेकिन अब जब कोविड नहीं है तो सरकार को जनगणना करा लेनी चाहिए।
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