नई दिल्ली: केंद्र पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों से मुगल दरबारों के पाठ को हटाने के फैसले की निंदा की। ट्विटर पर सिब्बल ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ध्यान में रखते हुए आधुनिक भारतीय इतिहास 2014 से शुरू होना चाहिए, जब भाजपा केंद्र में सत्ता में आई थी। अपने हमले में सिब्बल मीडिया में आई खबरों की ओर इशारा कर रहे थे कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और 2002 के गुजरात दंगों के बारे में कुछ अंशों को कक्षा 12 के लिए एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के नए संस्करणों से हटा दिया गया।
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इससे पहले यह बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल इस शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा की नई इतिहास की पाठ्यपुस्तकों को अपनाएंगे, जिसमें मुगल दरबारों के कुछ हिस्सों को हटा दिया गया है। पिछले साल अपने "सिलेबस रेशनलाइजेशन" अभ्यास के हिस्से के रूप में एनसीईआरटी ने अपनी कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तकों से मुगल दरबारों के पाठ सहित पाठ्यक्रम से कुछ अंशों को हटा दिया था जिसमें कहा गया था कि वे "ओवरलैपिंग" और "अप्रासंगिक" थे।
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बता दें कि एनसीईआरटी ने हिंदी पाठ्यपुस्तकों से कुछ कविताओं और अनुच्छेदों को भी संशोधित किया है। 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक 'इंडियन पॉलिटिक्स आफ्टर इंडिपेंडेंस' के दो चैप्टर भी हटा दिए गए हैं। 10वीं और 11वीं की पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव किए गए हैं।
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