पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में अगले 2-3 दिनों तक मौसम में उथल-पुथल का दौर जारी रहेगा. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित मैदानी इलाकों में बेमौसम बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी ने यात्रियों को सतर्क कर दिया है. इस बदलाव से कड़ाके की ठंड लौट रही है, जो जनजीवन को प्रभावित करेगी. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदूषण स्तर में कुछ कमी के बावजूद कोहरा और शीतलहर मुश्किल बड़ा सकती है.
राजधानी दिल्ली और NCR में 23 जनवरी की सुबह तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है. गरज-चमक के बीच रुक-रुककर वर्षा से न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि अधिकतम 25 डिग्री के आसपास रहेगा. सुबह-रात कोहरा घना होने से विजिबिलिटी प्रभावित होगी, हालांकि हवाओं से एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार रह सकता है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी-मध्य जिलों जैसे सहारनपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ में शुक्रवार-शनिवार को बारिश की भविष्यवाणी की गई है.
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पहाड़ों पर कैसा होगा मौसम?
वहीं, हरियाणा-पंजाब में 24 जनवरी तक आंधी-बारिश से ठंड चरम पर पहुंचेगी. पहाड़ी इलाकों में स्थिति गंभीर है, उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी एवं रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट के तहत भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, चंबा, धर्मशाला में बर्फबारी तथा शिमला-मंडी में वर्षा संभावित है. इस बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर सीधा पड़ेगा. जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर, गुलमर्ग एवं पहलगाम में तापमान शून्य से नीचे चला गया है. घाटी में लगातार बर्फबारी और बर्फीली हवाओं ने चार-पांच दिनों तक राहत की गुंजाइश खत्म कर दी.
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साउथ इंडिया में भी बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में भी तमिलनाडु के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट है, जो पश्चिमी विक्षोभ के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह अस्थिरता कुछ दिनों तक बनी रहेगी. लोगों को गर्म वस्त्र, सतर्कता एवं यात्रा योजनाओं में बदलाव की सलाह दी गई है. दिल्ली-एनसीआर वासियों के लिए 23 जनवरी सुबह विशेष सावधानी बरतनी होगी.