मुंबई महानगरपालिका चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति ने वर्ली के डोम में अपनी पहली बड़ी चुनावी सभा के जरिए साफ संदेश दे दिया कि बीएमसी की सत्ता पर कब्जा करने के लिए वह आक्रामक तेवर के साथ मैदान में उतर चुकी है. सभा के दौरान सबसे ज्यादा सुर्खियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस बयान ने बटोरीं कि मुंबई का अगला मेयर महायुति का होगा, मराठी होगा और हिंदू होगा. फडणवीस ने कहा कि उनकी किसी धर्म से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन वारिस पठान के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि मुंबई का मेयर 'पठान' और 'बुर्के वाली' होगा. फडणवीस ने तंज करते हुए कहा कि उस वक्त किसी ने आपत्ति नहीं जताई, इसलिए अब वह साफ कर रहे हैं कि मुंबई का मेयर हिंदू होगा.
'चुनाव आते ही नेताओं की हिल जाती है बुद्धि'
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में खुद को 'बोल बच्चन' नहीं, बल्कि 'वचन देने' वाला नेता बताते हुए मुंबईकरों के हितों को चुनाव का असली मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि हर बार चुनाव आते ही कुछ नेताओं की 'बुद्धि हिल जाती है', लेकिन यह इलेक्शन मुंबई की दिशा तय करेगा. फडणवीस ने शेर के जरिये संदेश दिया कि धुंध और आंधी देखकर वही डरता है, जिसके चिराग में दम नहीं होता.
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उन्होंने वारिस पठान के बयान का जिक्र कर के स्पष्ट किया कि महायुति की सरकार में मुंबई का मेयर न सिर्फ मराठी और हिंदू होगा बल्कि वह मुंबई के मूल स्वभाव और संवेदनशीलता को समझने वाला चेहरा होगा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने रीडेवलपमेंट के जरिए लोगों को उनके सपनों से बेहतर घर दिए हैं, पत्रा चॉल जैसे प्रोजेक्ट्स में फंसे लोगों को उनका हक दिलाया है और बीएमसी में जीत के बाद 'नई मुंबई' का विजन जमीन पर उतारा जाएगा.
2025 तो सिर्फ ट्रेलर था- डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सभा को बीएमसी चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत बताते हुए कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि यह लड़ाई नेताओं से ज्यादा कार्यकर्ताओं की है. उन्होंने याद दिलाया कि महायुति के 68 नगरसेवक पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं और इसके लिए उन्होंने फडणवीस को धन्यवाद दिया. शिंदे ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में जीत के बाद अब नगर पालिका चुनाव में महायुति को चौका मारना है.
उन्होंने 2025 के चुनावी नतीजों को सिर्फ 'ट्रेलर' बताते हुए दावा किया कि असली 'पिक्चर' अब बीएमसी में दिखाई देगी. शिंदे ने महिलाओं की भूमिका का जिक्र किया और विपक्ष पर तंज कसा कि जनता ने उनका सीजन खत्म कर दिया, इसलिए वे अब नया विजन लेकर आए हैं, जबकि महायुति का लक्ष्य ऑन-द-स्पॉट फैसले लेकर लोगों की समस्याएं तुरंत सुलझाने का है.
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