BrahMos air-launched missile: बंगाल की खाड़ी में इंडियन एयरफोर्स ने गुरुवार को ब्रह्मोस एयर लॉन्च मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। बड़ी बात यह है कि यह मिसाइल 400 किलोमीटर तक निशाना लगा सकने में सक्षम है। वायु सेना ने कहा- इस मिसाइल को सुखोई Su-30 फाइटर एयरक्राफ्ट से टेस्ट किया गया है।
इसकी ताकत को जानें
जानकारी के मुताबिक ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, शिप, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी छोड़ा जा सकता है। ब्रह्मोस रूस की P-800 ओकिंस क्रूज मिसाइल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस मिसाइल को भारतीय सेना के तीनों अंगों, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को सौंपा जा चुका है। ब्रह्मोस मिसाइल के कई वर्जन मौजूद हैं। ब्रह्मोस के लैंड-लॉन्च, शिप-लॉन्च, सबमरीन-लॉन्च एयर-लॉन्च वर्जन की टेस्टिंग हो चुकी है।
ऐसे हुआ टेस्ट
रक्षा विभाग ने कहा, टेस्ट के दौरान मिसाइल ने टारगेट की गई शिप को बीचों बीच मारा गया। यह मिसाइल के एयर-लॉन्च वर्जन का एंटी-शिप वर्जन है। ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज NPOM के बीच साझा समझौते के तहत विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या फिर धरती से लॉन्च किया जा सकता है। इससे पहले बीते मई में ब्रह्मोस एयर लॉन्च मिसाइल का सफल परीक्षण Su-30 MKI फाइटर एयरक्राफ्ट से किया गया था।