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‘प्रधानमंत्री का मेडिटेशन और विपक्ष का संपूर्ण Frustration…’, PM Modi के कन्याकुमारी दौरे पर शहजाद पूनावाला ने विपक्ष को घेरा

PM Modi Meditation in Kanyakumari Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कन्याकुमारी में 45 घंटे की साधना कर रहे हैं। जिसकी तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं। पीएम मोदी के ध्यान से लेकर आचार संहिता के उलघंन पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने विपक्ष पर पलटवार किया है।

PM Modi Meditation in Kanyakumari Updates: लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिन कन्याकुमारी पहुंच चुके हैं। कन्याकुमारी में स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल में पीएम मोदी की ध्यान साधना शुरू हो गई है, जो कि 45 घंटे तक चलेगी। भगवती अम्मन मंदिर के किए दर्शन विपक्ष के तमाम विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने ना सिर्फ कन्याकुमारी का रुख किया बल्कि अपनी ध्यान साधना भी शुरू कर दी है। विवेकानंद रॉक मेमोरियल में जाने से पहले पीएम मोदी ने भगवती अम्मन मंदिर में पूजा अर्चना की। इसी के साथ पीएम मोदी ने गुरुवार की शाम को 45 घंटों के लिए ध्यान साधना शुरु कर दी है। पीएम मोदी की तस्वीरें वायरल इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई तस्वीरें सामने आई हैं। पीएम मोदी के ध्यान से लेकर सूर्य भगवान को जल देने और समुद्र किनारे घूमते हुए नामजप करने की ढेरों तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ऐसे में ध्यान के बीच कैमरे की एंट्री पर विपक्ष ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहजाद ने दिया जवाब पीएम मोदी की इस ध्यान साधना को विपक्ष ने राजनीतिक एजेंडा करार दिया है तो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने विपक्ष पर पलटवार किया है। शहजाद का कहना है कि इंडिया गठबंधन को आखिरकार क्या हुआ है? प्रधानमंत्री अगर कुछ बोलते हैं तब उन्हें समस्या होती है और अब वो कन्याकुमारी जाकर विवेकानंद रॉक पर ध्यान, साधना, तपस्या कर रहे हैं, मौन हैं फिर भी उन्हें परेशानी है। सनातनी तपस्या भी ना करे- शहजाद शहजादा ने कहा कि प्रधानमंत्री का मेडिटेशन और विपक्ष का संपूर्ण फ्रस्ट्रेशन हैरान करने वाला है। जिन लोगों ने पहले राम मंदिर का विरोध किया, राम मंदिर को बेकार बोला, राम मंदिर को लटकाने अटकाने भटकाने की साजिश रची। जिन्होंने कहा राम जी का अस्तित्व नहीं है। सनातन एक बीमारी है जो समाप्त होनी चाहिए। अब वो लोग चाहते हैं कि कोई हिन्दू सनातनी ध्यान और तपस्या भी ना करे। ऐसा फतवा जारी कर देंगे। आचार संहिता का उलंघन कैसै हुआ? बता दें कि विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मोदी के मेडिटेशन को आचार संहिता का उलंघन बताते हुए चुनाव आयोग से एक्शन लेने की अपील की थी। ऐसे में विपक्ष को जवाब देते हुए शहजाद ने पूछा कि किस प्रावधान के तहत प्रधानमंत्री ने आचार संहिता का उलंघन किया है। ना वो प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, ना कुछ बोल रहे हैं, ना ही राजनीतिक बयान दे रहे हैं और ना कोई राजनीतिक कार्यक्रम कर रहे हैं। ऐसे में आचार संहिता का उलंघन कैसे हुआ? कैमरा लेकर ध्यान करने पर बोले शहजाद शहजादा ने कहा कि विपक्ष की मांग है मीडिया पीएम मोदी के ध्यान को कवर ना करे। आजकल सोशल मीडिया का जमाना है। सबके पास स्मार्टफोन है और डेटा की कीमत 90 प्रतिशत कम हो चुकी है। ऐसे में अगर कोई वीडियो बनाकर पोस्ट कर देगा तो उसपर भी विरोध करेंगे आप? विपक्ष के बयान दर्शाते हैं कि कैसे मोदी विरोधी मानसिकता सनातन विरोधी बन गई है।


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