ओडिशा के बालासोर जिले में शनिवार को एफएम कॉलेज परिसर में एक छात्रा ने आत्मदाह का प्रयास किया था। पीड़िता ने सहायक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।यौन उत्पीड़न के आरोप में एफएम कॉलेज के सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही राज्य सरकार ने इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल को शनिवार को निलंबित कर दिया था। इस घटना में छात्रा 90% जल गई है। उसे गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
एम्स भुवनेश्वर के निदेशक ने क्या कहा?
वहीं, इस मामले में एम्स भुवनेश्वर के निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने रविवार को आश्वासन दिया कि मेडिकल टीम मरीज को सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रही है। डॉ. बिस्वास ने कहा कि छात्रा को गंभीर रूप से जलने के बाद एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था, उसका शरीर लगभग 90-95% जल गया था। वह फिलहाल आईसीयू में वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत नाजुक है। बिस्वास ने कहा, ‘शनिवार को हमें मरीज गंभीर हालत में मिली। मरीज आईसीयू में वेंटिलेटर पर है। वह लगभग 90-95 प्रतिशत जल चुकी है। मरीज की हालत गंभीर है, हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम मरीज को सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहे हैं। विभिन्न पहलुओं और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर के लिए एक समिति का गठन किया गया है।’
सीएम मोहन माझी ने क्या कहा?
ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि उन्होंने बालासोर में आत्मदाह का प्रयास करने वाली छात्रा के आगे के इलाज के बारे में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के साथ बैठक करने के लिए अपने साथियों से चर्चा की है। छात्रा के इलाज के लिए अगले 24 घंटे अहम होने के कारण राज्य सरकार ने जरूरत पड़ने पर उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली ले जाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव के साथ आज सुबह भुवनेश्वर एम्स में पीड़िता से मुलाकात की। मुख्यमंत्री माझी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि छात्रा का भुवनेश्वर एम्स में इलाज चल रहा है। उसकी हालत बेहद गंभीर है। उसकी देखभाल के लिए एक मेडिकल टीम तैनात की गई है। दिल्ली एम्स के प्रोटोकॉल के अनुसार उसका इलाज किया जा रहा है।
राज्य सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी
इससे पहले आज ओडिशा के शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि राज्य सरकार फकीर मोहन (एफएम) ऑटोनॉमस कॉलेज की उस छात्रा के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी, जिसने एक सहायक प्रोफेसर द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में आत्मदाह का प्रयास किया था। पीड़िता से मिलने एम्स पहुंचे मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘इस घटना की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। आज एक टीम भुवनेश्वर से जांच के लिए रवाना हो गई है और उस टीम की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम इस बात पर बारीकी से विचार कर रहे हैं कि लड़की के स्वास्थ्य में कैसे सुधार किया जा सकता है और वह कैसे ठीक हो सकती है।’
तीन सदस्यीय समिति का गठन
ओडिशा सरकार ने बालासोर छात्र आत्मदाह मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक, कालीप्रसन्न महापात्रा ने कहा कि ‘गहन जांच की जाएगी। हम लोगों को नोटिस भेजकर बुलाएंगे और जांच पूरी होने के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे।’
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