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बाबा रामदेव के बाद IMA चीफ फंसे; पतंजलि के MD आचार्य बालकृष्ण ने क्यों दी सुप्रीम कोर्ट को शिकायत?

Supreme Court Notice to IMA Chief: पतंजलि योगपीठ के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण की याचिका पर IMA चीफ को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। आचार्य ने आरवी अशाेकन की टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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आचार्य बालकृष्ण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है।

Acharya Balkrishna Petition Against IMA Chief: बाबा रामदेव के बाद अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) चीफ आरवी अशोकन मुश्किल में फंस गए हैं, क्योंकि पतंजलि के MD आचार्य बालकृष्ण ने उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मांग की है कि अशोकन लगातार पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले की सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर टिप्पणियां कर रहे हैं, जो अपमानजनक और अस्वीकार्य हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट अशोकन के खिलाफ कार्रवाई करे।

याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अशोकन को नोटिस जारी करके जवाब देने को निर्देश दिए हैं। जस्टिस हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। दोनों ने टिप्पणियों पर नाराजगी जताई और 14 मई को जवाब दाखिल करने का आदेश अशोकन को दिया। पतंजलि योगपीठ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलीलें पेश कीं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने IMA चीफ के इंटरव्यू पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आरवी अशोकन के इंटरव्यू पर सवाल उठाए। जस्टिस ने कहा कि जब मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है तो वे फैसला आने से पहले मुद्दे पर अपनी बात किस अधिकार से रख रहे हैं? उन्हें विवादित मुद्दे पर इंटरव्यू देने का हक किसतने दिया। पतंजलि भ्रामक विज्ञापन चला रहा था तो IMA चीफ ने क्या एक्शन लिया?

इसका जवाब दें। क्या उन्होंने अपना काम किया? बता दें कि IMA चीफ ने 29 अप्रैल को PTI को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े मामले पर पूछे गए सवालों के जवाब में अस्वीकार्य टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि सुप्रीम कोर्ट ने एसोसिएशन और निजी डॉक्टरों की आलोचना की।

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पतंजलि को भ्रामक विज्ञापन तुरंत हटाने के निर्देश

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई भी की और निर्देश दिया कि पतंजलि के कुछ प्रोडक्ट के लाइसेंस सस्पेंड किए हैं, लेकिन विज्ञापन अभी भी ऑनलाइन और चैनलों पर नजर आ रहे हैं, इन्हें तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। केस की अगली सुनवाई पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को पेश होना पड़ेगा, पेशी से छूट नहीं दी जाएगी।

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि द्वारा समाचार पत्रों में छपवाए गए माफीनामे की तारीफ की। पतंजलि ने बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी है। इस पर जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानउल्लाह ने माफीनामे पर संतोष जाते हुए पतंजलि के वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि माफीनामा अपने आप में कंप्लीट है। इसमें उनके नाम भी दिए गए हैं और इसकी लैंग्वेज भी अच्छी है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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