असम के जोरहाट में 35 साल के दीपांकर बोरदोलोई अपने बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल पहुंचे थे. उन्होंने अपने टे का 'रिजल्ट' हाथ में लिया ही था, लेकिन किसे पता था कि इसी पल उनकी अपनी जिंदगी का सफर खत्म होने वाला है. स्कूल की दहलीज से बाहर निकलने से पहले ही दीपांकर की धड़कनें अचानक रुक गईं. एक पल पहले जो पिता अपने बेटे का रिजल्ट देख मुस्कुरा रहा था, अगले ही पल वह फर्श पर बेजान पड़ा था.
सोनारी गांव के रहने वाले दीपांकर बोरदोलोई ने बेटे का रिजल्ट लाने के लिए पिछले गुरुवार को काम से एक दिन की छुट्टी ली थी. जोरहाट के सैमफोर्ड स्कूल में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
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CCTV फुटेज में, बोरदोलोई को स्कूल की लॉबी में चलते हुए देखा जा सकता है. जैसे ही वह एग्जिट गेट के पास पहुंचते हैं, वह अपने हाथ फैलाकर उछलते हैं, शायद कुछ पकड़ने और बैलेंस बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे. फिर उसी वक्त वह अपने चेहरे के बल जमीन पर गिर जाते हैं. स्कूल में मौजूद लोग उन्हें आपातकालीन उपचार के लिए जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JMCH) ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, बोरदोलोई असम सरकार के सिंचाई विभाग में तेओक डिवीजन के तहत कार्यकारी अभियंता के रूप में कार्यरत थे. उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं. परिवार के अनुसार, बोरदोलोई एक फिट व्यक्ति थे और उनकी बीमारियों का कोई बड़ा इतिहास नहीं था.
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बता दें, युवाओं में दिल का दौरा पड़ने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले हफ्ते, 11 जनवरी को गायक और अभिनेता प्रशांत तामांग की नई दिल्ली में उनके निवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हो गई थी. इससे पहले इसी महीने, वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया था.