Himanta Biswa Sarma On Polygamy: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गुवाहाटी में ऐलान किया कि जल्द राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी हम यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से नहीं गुजर रहे हैं, लेकिन हम एक राज्य अधिनियम के तहत बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। सरकार ने यह जांच करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया है कि राज्य सरकार के पास क्षेत्र में बहुविवाह पर रोक लगाने का अधिकार है या नहीं।
सीएम हिमंत ने कहा कि असम सरकार राज्य में बहुविवाह पर रोक लगाना चाहती है। उन्होंने बताया कि समिति भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के साथ मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अधिनियम, 1937 के प्रावधानों की समान नागरिक संहिता के लिए राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत के संबंध में जांच करेगी। समिति एक ठोस निर्णय पर पहुंचने के लिए कानूनी विशेषज्ञों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करेगी।
मुंबई का एक संगठन भी कर रहा बहु विवाह का विरोध
मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक मुस्लिम शख्स को चार पत्नियां रखने का अधिकार है। भारत में इस पर रोक लगाने के लिए फिलहाल कोई कानून नहीं है। लेकिन इसके विरोध में मुंबई का एक संगठन लंबे अरसे से काम कर रहा है। नाम भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन है।
इसकी संस्थापक जाकिया सोमेन तीन तलाक के खिलाफ मुहिम चला चुकी हैं। उनके संगठन ने 2019 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। जाकिया के अलावा बीजेपी नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने जनवरी 2023 में बहुविवाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
इन देशों में सबसे ज्यादा बहुविवाह
पश्चिम अफ्रीका और मध्य अफ्रीका को बहुविवाह बेल्ट के रूप में जाना जाता है। इनके अलावा बुर्किना फासो, माली, गाम्बिया, नाइजीरिया में भी बहुविवाह के केस सबसे ज्यादा हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बहुविवाह को महिलाओं के खिलाफ स्वीकार न किया जाने वाला भेदभाव बताया है। उसकी अपील है कि इस प्रथा को खत्म कर देना चाहिए।
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