पिछले कुछ सालों से जिम का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। इस बढ़त के साथ लड़कियों से छेड़खानी, खराब प्रोटीन सामग्री जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे युवाओं की क्षमताओं के लिए काफी नकारात्मक बताया गया। अब ऐसे जिम और फिटनेस सेंटर्स पर लगाम लग सकती है। दरअसल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सभी राज्य सरकारों, खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय और खेल प्राधिकरणों को नोटिस जारी किया है। इसमें उन्होंने जिम और फिटनेस केंद्रों की स्थापना, संचालन से संबंधित नियमों और दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी मांगी है।

प्रियांक कानूनगो ने कहा कि देश भर में विभिन्न स्थानों पर जिम और फिटनेस क्लबों में ट्रेनर द्वारा महिलाओं, लड़कियों और किशोरियों के यौन शोषण के कई मामले सामने आए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी घटिया खाद्य पूरक और अनियंत्रित शारीरिक गतिविधियां मानव जीवन के लिए खतरा पैदा करती हैं।

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गत दिसंबर में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में घटना सामने आई थी, जहां महिलाओं ने जिम ट्रेनर पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि जिम में एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं से ट्रेनर अश्लील हरकरत करता था। बाद में आपत्तिजनक मैसेज करता था। मामला फिट एंड फाइन जिम का था। महिलाओं ने आरोप पर पुलिस ने जिम ट्रेनर नदीम अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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