मन की बात के 122वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने योग आंध्र अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में योग संस्कृति को विकसित करना है। इस अभियान के तहत योग का अभ्यास करने वाले 10 लाख लोगों का समूह बनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे इस वर्ष विशाखापत्तनम में 'योग दिवस' कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस बार भी हमारे युवा साथी देश की विरासत से जुड़े प्रतिष्ठित स्थानों पर योग करने जा रहे हैं। कई युवाओं ने रिकॉर्ड बनाने और योग श्रृंखला का हिस्सा बनने का संकल्प लिया है।
क्या है इस अभियान का लक्ष्य?
आंध्र प्रदेश सरकार ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले महीने भर चलने वाले योग समारोह की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की थी कि ये कार्यक्रम विशाखापत्तनम में समुद्र तट के किनारे आयोजित किया जाएगा, जिसमें लाखों लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य इस आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाना और वैश्विक ध्यान आकर्षित करना है। राज्य ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे।
क्या है अभियान का उद्देश्य?
वहीं, सीएम नायडू ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य योग के बारे में जागरूकता पैदा करना और व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार 21 जून को आयोजित होने वाले इस आयोजन की सावधानीपूर्वक योजना बना रही है। राज्य ने गांव से लेकर शहर स्तर तक कई आयोजनों में 2 करोड़ लोगों या राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को शामिल करने की योजना बनाई है।
युवा ले रहे हैं संकल्प
वहीं, राज्य के सत्य कुमार यादव, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश का योग आंध्र अभियान पूरे राज्य में 10 लाख योग साधकों का समुदाय बनाकर योग क्रांति को प्रेरित कर रहा है। मैं इस साल विशाखापत्तनम में योग दिवस समारोह में शामिल होने के लिए उत्साहित हूं। भारत भर के युवा विरासत स्थलों पर ऐतिहासिक योग श्रृंखला बनाने का संकल्प ले रहे हैं।