पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बुधवार 11 फरवरी से बाबरी मस्जिद जैसी संरचना के निर्माण की घोषणा ने देश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर ने एलान किया है कि अयोध्या की तर्ज पर इस मस्जिद का काम शुरू किया जाएगा. आज दोपहर 12 बजे करीब 1200 मौलाना और धर्मगुरुओं की मौजूदगी में कुरान की तिलावत के साथ इस प्रोजेक्ट की नींव रखी जाएगी. लगभग 300 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस मस्जिद को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि अभी तक चंदे के तौर पर सिर्फ 6 करोड़ रुपए ही जुटने की खबर है.
योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख और कानूनी चेतावनी
मुर्शिदाबाद में मस्जिद निर्माण की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है. बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग बाबरी के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और रामद्रोहियों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा. उन्होंने विपक्षी दलों को अवसरवादी बताते हुए कहा कि मंदिर वहीं बन चुका है जहां हमने संकल्प लिया था और अब पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है.
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हुमायूं कबीर के आरोप और पुलिस की कार्रवाई
मस्जिद निर्माण की घोषणा करने वाले हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार और पुलिस पर उन्हें रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. कबीर का कहना है कि प्रशासन उन पर दबाव बना रहा है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे. इस बीच बंगाल पुलिस ने कबीर के रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. उनकी बेटी के ससुर की करीब 10 करोड़ रुपए की संपत्ति ड्रग्स तस्करी के शक में जब्त की गई है. इस कार्रवाई के बाद मस्जिद निर्माण के लिए आने वाले फंड के स्रोत पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिसे कबीर के परिवार ने पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक बदले की भावना बताया है.
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला और बढ़ता तनाव
अयोध्या विवाद पर साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया था और मस्जिद के लिए अलग जमीन दी थी. इसके बावजूद मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने के एलान ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. विश्व हिंदू रक्षा परिषद जैसे संगठनों ने इस निर्माण का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है. बंगाल पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है ताकि होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे.